सीएम योगी ने रूस से किए कई समझौते, खाद्य प्रसंस्करण में रूस करेगा सहयोग

सीएम योगी ने रूस से किए कई समझौते, खाद्य प्रसंस्करण में रूस करेगा सहयोग
CM Yogi signed several agreements with Russia, Russia will cooperate i

Anil Ankur | Publish: Aug, 13 2019 11:33:49 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

  • सुदूर पूर्व रूस में भारत-रूस सहयोग
  • मुख्यमंत्री कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं ऊर्जा
    विषय पर आधारित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
  • रूस के जबाइकल्सकी क्राई क्षेत्र और उ0प्र0 के मध्य कृषि और
    खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के तहत एक एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित
  • रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में लगभग 8 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में
    कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास की व्यापक सम्भावनाएं मौजूद
  • भारत तथा रूस के विगत सात दशकों से प्रगाढ़ सम्बन्ध रहे हैं: मुख्यमंत्री
  • सुदूर पूर्वी रूस के क्षेत्रों में सस्ती विद्युत आपूर्ति में उत्तर प्रदेश के ऑफ-ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्र कारगर साबित हो सकते हंै

 

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपनी रूस यात्रा के दूसरे दिन कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं ऊर्जा विषय पर आधारित कार्यक्रम में भारतीय उद्यमियों के साथ हिस्सा लिया। सुदूर पूर्व रूस में भारत-रूस सहयोग के सम्बन्ध में आयोजित कार्यक्रम में रूस के जबाइकल्सकी क्राई क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के मध्य कृषि और खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के तहत एक MOU पर हस्ताक्षर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में लगभग 8 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास की व्यापक सम्भावनाएं मौजूद हैं, जो हम सभी के लिए निवेश के अवसर प्रदान करती हैं।

India & Ruse दोनों देश एक-दूसरे के स्ट्रेटजिक पार्टनर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तथा रूस के विगत सात दशकों से प्रगाढ़ सम्बन्ध रहे हैं। आजादी के तुरंत बाद भारत की प्रगति में रूसी सहयोग का बड़ा हाथ रहा है। रक्षा, औद्योगिक तथा परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत को रूस का भरपूर सहयोग मिला है। यह कहना गलत नहीं होगा कि रूस और भारत की मित्रता वर्ष-प्रतिवर्ष प्रगाढ़ होती गई है तथा दोनों देश एक-दूसरे के स्ट्रेटजिक पार्टनर के रूप में स्थापित हुए हैं।

सोवियत संघ के सहयोग से थर्मल पावर प्लाण्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश की तरह उत्तर प्रदेश में भी इस सहयोग के अनेक उदाहरण मौजूद हैं। वर्ष 1968 में ओबरा तथा वर्ष 1971 में हरदुआगंज में सोवियत संघ के सहयोग से थर्मल पावर प्लाण्ट का निर्माण किया गया। रूसी कम्पनियों द्वारा टेहरी एवं कोटेश्वर हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्लाण्ट के निर्माण में सहयोग प्रदान किया गया।

बड़ी संख्या में मेगा फूड पार्कों समेत कोल्ड चेन

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को बढ़ाने, जन सामान्य को निरन्तर शुद्ध एवं पौष्टिक खाद्य प्रदार्थों की उपलब्धता बनाए रखने, फसलों की कटाई के उपरान्त क्षति को कम करने तथा किसानों के उत्पादों के उचित मूल्य की प्राप्ति के उद्देश्य से देश में बड़ी संख्या में मेगा फूड पार्कों समेत कोल्ड चेन स्थापित की जा रही है। इस प्रकार की तकनीकी कुशलता एवं संसाधनों के प्रबन्धन की जो विधा हमारे निवेशक अपनाते हैं, वह निश्चित रूप से सुदूर पूर्वी रूस में बेहतर उत्पादन एवं निवेश का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी।

उत्तर प्रदेश के ऑफ-ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्र कारगर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऑफ-ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्रों यथा सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर आर0ओ0 वाटर प्लाण्ट, सोलर पावर पैक, सोलर मिनी-ग्रिड पावर प्लाण्ट एवं सोलर हाई-मास्ट की स्थापना में अग्रणी है। सुदूर पूर्वी रूस के क्षेत्रों में सस्ती विद्युत आपूर्ति में उत्तर प्रदेश के ऑफ-ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्र कारगर साबित हो सकते हं। कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, रूस के उप प्रधानमंत्री श्री यूरी त्रुतनेव सहित रूस एवं भारत के कई उद्यमी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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