यूपी में लव जिहाद अब बर्दाश्त नहीं, संघ और विहिप ने खोला मोर्चा, सीएम योगी लाएंगे कानून

उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बढ़ते लव जिहाद (Love Jihad) के मामलों के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद (VHP) और आरएसएस (RSS) ने मोर्चा खोल रखा है और अब योगी सरकार भी इसपर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून लाने की योजना बना रही है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 19 Sep 2020, 06:24 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बढ़ते लव जिहाद (Love Jihad) के मामलों के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद (VHP) और आरएसएस (RSS) ने मोर्चा खोल रखा है और अब योगी सरकार (CM Yogi) भी इसपर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून लाने की योजना बना रही है। शुक्रवार को योगी सरकार ने जल्द ही इसके खिलाफ अध्यादेश (Ordinance) लाने का ऐलान किया है। नए कानून के तहत धर्म बदलवाकर शादी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बीते दिनों लखनऊ पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) व कानपुर में विहिप के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा विरोध जताया था। इसको लेकर भागवत ने सीएम योगी से मुलाकात भी की थी। यूपी में हाल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें हिंदू युवतियों का धर्म बदलवाकर उनकी जबरन अथवा धोखे से शादी करवाई जा रही है।

ताजा मामले कानपुर देहात व मेरठ में सामने आए हैं। अभी तक के सामने आए लव जिहाद के मामलों में यह देखा गया है कि इसका सबसे बड़ा जाल सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है, जहां एक धर्म विशेष के युवक साजिशन नाम बदलकर हिंदू युवतियों से संपर्क करते हैं और उनसे शादी होने तक असलियत छुपाते हैं। कई मामलों में शादी के बाद युवतियों को अमानवीय यातनाएं तक देने की बात सामने आई हैं।

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कानपुर में 21 दिन में आए 13 मामले-
योगी सरकार ने नये कानून को अमल में लाने की दिशा में गंभीरता से विचार किया है। अकेले कानपुर में 21 दिन में लवजिहाद के 13 मामले पुलिस के पास आ चुके हैं। शुक्रवार को ही कानपुर देहात में भी लव जिहाद का एक मामला सामने आया है, जहाँ विधवा महिला को शादी का झांसा देकर लगभग ढाई साल तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में महिला से 1 लाख पचास हज़ार रुपये समेत जेवर लूट लिए। इसके बाद महिला को छोड़कर भाग गया। महिला ने कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस के आलाधिकारी ने जांच के बाद कार्यवाही करने की बात कही है। वहीं मेरठ में एक युवक ने नाम बदलकर एक युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया। और इसके बाद हिंदू रीति के अनुसार शादी भी कर ली। मामले के खुलासे के बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है।

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यूपी के आठ शहरों में सबसे ज्यादा धर्मांतरण के मामले-
यूपी के कानपुर, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, नोएडा, बुलंदशहर, बदायूं और सहारनपुर में धर्मांतरण कर 'लव जेहाद' के अधिकांश मामले देखने को मिले हैं। इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने कमर कस ली है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस सिलसिले में अन्य सात राज्यों में पहले से ही लागू इस अधिनियमों का यूपी सरकार परीक्षण कर रही है। इसी की तर्ज पर नया अध्यादेश आएगा। ओडिशा, अरूणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड व झारखंड में फिलहाल धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है। देश में ओडिशा पहला राज्य है जिसने यह कानून 1967 में लागू किया था। जिसके अगले ही साल 1968 में मध्यप्रदेश में इसका अनुसरण किया गया। सूत्रों ने बताया कि राज्य विधि आयोग ने पिछले साल धर्मान्तरण जैसे गंभीर मसले पर नया कानून बनाने की सिफारिश की थी। आयोग का मत है कि मौजूदा कानूनी प्रावधान धर्मान्तरण रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और इस गंभीर मसले पर दस अन्य राज्यों की तरह नये कानून की आवश्यकता है।

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