scriptCoalition is a support for Samajwadi Party | यूपी के चुनावी समर में 'गठबंधन' बना सपा का सहारा | Patrika News

यूपी के चुनावी समर में 'गठबंधन' बना सपा का सहारा

तीन नए कृषि कानून के विरोध से सुर्खियों में आए राष्ट्रीय लोकदल के साथ भी उनकी पार्टी कंधे से कंधा मिलाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है। फॉर्मूला तय हो गया है। एलान भी जल्द होने की संभावना है। लेकिन सरकार द्वारा कानून वापस होने के बाद माहौल कितना बदला है। यह किसान आंदोलन की दशा और दिशा पर निर्भर करेगा। दिल्ली की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी ने यूपी में फ्री बिजली का मुद्दा उछाल कर बढ़त लेने का प्रयास जरूर किया था। लेकिन वह इन दिनों सपा के सहयोगी बनने की राह पर दिख रहे हैं।

लखनऊ

Updated: November 26, 2021 03:47:05 pm

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी एक बार फिर से गठबंधन के फॉर्मूले को अपना कर सत्ता पाने की कवायद में जुट गयी है। सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार छोटे दलों से गठबंधन करके अपने को बड़ा पेश करने में लगे हुए हैं। हालांकि सपा के पुराने अनुभवों में गठबंधन उनके लिए ज्यादा मुफीद नहीं रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरण दुरूस्त रखने के लिए पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक के दलों से गठबंधन की गांठों को मजबूत करने में जुटे हैं। वह पूर्वांचल में ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी(सुभासपा) से हांथ मिला चुके हैं। उनके साथ गाजीपुर में रैली कर उनकी ताकत को भी अखिलेश देख चुके हैं।
यूपी के चुनावी समर में 'गठबंधन' बना सपा का सहारा
यूपी के चुनावी समर में 'गठबंधन' बना सपा का सहारा
तीन नए कृषि कानून के विरोध से सुर्खियों में आए राष्ट्रीय लोकदल के साथ भी उनकी पार्टी कंधे से कंधा मिलाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है। फॉर्मूला तय हो गया है। एलान भी जल्द होने की संभावना है। लेकिन सरकार द्वारा कानून वापस होने के बाद माहौल कितना बदला है। यह किसान आंदोलन की दशा और दिशा पर निर्भर करेगा। दिल्ली की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी ने यूपी में फ्री बिजली का मुद्दा उछाल कर बढ़त लेने का प्रयास जरूर किया था। लेकिन वह इन दिनों सपा के सहयोगी बनने की राह पर दिख रहे हैं।
कुर्मी वोटों में सेंधमारी के लिए अपना दल कमेरावादी की अध्यक्ष कृष्णा पटेल भी सपा के पाले में ही है। इससे अपना दल अनुप्रिया गुट को चुनौती देने में आसानी होगी।राजनीतिक पंडित कहते हैं कि सपा की नजर इस बार गैर यादव वोटों पर है। उनका मानना है कि छोटे दलों के साथ तालमेल बैठाकर जातीय गणित सेट करके ज्यादा से ज्यादा इनका प्रतिशत अपने पाले में लेने का प्रयास हो रहा है। इसी कारण सोनभद्र और मिर्जापुर में प्रभाव रखने वाली गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ भी तालमेल हो गया है।
राजनीतिक जानकार कहते हैं कि सपा अगर गठबंधन के जरिए अच्छा प्रदर्षन नहीं कर पाती तो उसके लिए काफी मुश्किल होगी। छोटे दल भाजपा के पाले में जा सकते हैं। इस कारण सपा के अच्छे प्रदर्शन पर गठबंधन को मजबूती मिलेगी।कई दशकों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि गठबंधन के दो बड़े प्रयोग सपा पहले भी कर चुकी है। 2017 में सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। लेकिन न कांग्रेस का वोट सपा को ट्रान्सफर हुआ। न उनका इन्हें मिला। 2019 के लोकसभा चुनाव में 29 साल बाद सपा बसपा ने गठबंधन किया। सपा का वोट मायावती को ट्रान्सफर नहीं हुआ। न मायावती का वोट सपा को ट्रान्सफर हुआ। अगर होता तो बड़ी सफलता मिलती है। अभी जो गठबंधन है उसमें वोट एक दूसरे को ट्रांसफर होंगे यह सवाल हैं। अभी सपा ने ओमप्रकाश राजभर और जयंत चौधरी के साथ गठबंधन किया है।
पश्चिम में सपा का वोट बेस मुस्लिम समुदाय में है। क्या जाट मुस्लिम के साथ वाली पार्टी को वोट देंगे। क्योंकि 2013 में मुजफ्फरनगर के दंगे हुए थे। वह जाट बनाम मुस्लिम हुए थे। ऐसे में देखना है कि मुस्लिम वोट क्या जाट के साथ आएंगे। इसी प्रकार पूरब में भी राजभर के वोट क्या यादव के साथ जाएंगे। कई दशकों से यूपी की राजनीति पर खास नजर रखने वाले वीरेन्द्र भट्ट कहते हैं कि गैर यादव पिछड़ी जातियों को अपनी पार्टी में समेटना मुलायम सिंह यादव के समय से चुनौतीपूर्ण रहा है। यादव वर्ग किसी और दूसरी अन्य जाति को स्वीकार नहीं करते जैसे औरैया, इटावा, फरूर्खाबाद में शाक्यों की बहुलता है लेकिन इन्हे आज तक उचित भागीदारी सपा में नहीं मिली। अन्य जातियों के साथ हो रहे गठबंधन को लेकर यादव वर्ग में बेचैनी है। उनको लगता है गठजोड़ से उनके वर्ग के टिकट कम होंगे।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

धन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोगशाहरुख खान को अपना बेटा मानने वाले दिलीप कुमार की 6800 करोड़ की संपत्ति पर अब इस शख्स का हैं अधिकारजब 57 की उम्र में सनी देओल ने मचाई सनसनी, 38 साल छोटी एक्ट्रेस के साथ किए थे बोल्ड सीनMaruti Alto हुई टॉप 5 की लिस्ट से बाहर! इस कार पर देश ने दिखाया भरोसा, कम कीमत में देती है 32Km का माइलेज़UP School News: छुट्टियाँ खत्म यूपी में 17 जनवरी से खुलेंगे स्कूल! मैनेजमेंट बच्चों को स्कूल आने के लिए नहीं कर सकता बाध्यअब वायरल फ्लू का रूप लेने लगा कोरोना, रिकवरी के दिन भी घटेइन 12 जिलों में पड़ने वाल...कोहरा, जारी हुआ यलो अलर्ट2022 का पहला ग्रहण 4 राशि वालों की जिंदगी में लाएगा बड़े बदलाव

बड़ी खबरें

बेटी का जुल्म-बुजुर्ग ने जेब से निकालकर बताई दाढ़ी और नाखून, छलक उठे गम के आंसूयहां PWD का बड़ा कारनामा, पेयजल पाइप लाइन के ऊपर ही बना रहे ड्रेनेज सिस्टम, गुस्साए विधायक ने की सीएम से शिकायतमोदी की लीडरशिप से वैक्सीन का रिकार्ड बनाया भारत ने: पूनियाUttar Pradesh Assembly Elections 2022: जानें बीजेपी में भगदड़ का पूर्वांचल की सियासत पर क्या होगा असरसीएम और यूडीएच मंत्री के जिलों में पार्षदों का मनोनयन, जयपुर को अब भी इंतजारमंगल ग्रह 42 दिन तक धनु राशि में करेगा गोचर, 7 राशि वालों का चमकाएगा करियरUP Elections : अखिलेश का मुकाबला करने के लिए बीजेपी ने 'हिंदू पहले' की नीति अपनाईभाजपा की सूची जारी होने के बाद प्रत्याशी के विरोध में पूर्वांचलियों का हंगामा, झड़प के बाद आधा दर्जन हिरासत में
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.