एक मार्च से चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान

तैयारी को लेकर सीडीओ की अध्यक्षता में टास्क फ़ोर्स की बैठक

By: Ritesh Singh

Published: 20 Feb 2021, 08:38 PM IST

लखनऊ, दिमागी बुखार व अन्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियन्त्रण के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक मार्च से शुरू हो रहा है, जो 31 मार्च तक चलेगा। इसी क्रम में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय सभागार में मुख्य विकास अधिकारी प्रभास कुमार की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक हुई । उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में है। उन्हीं के प्रयासों का परिणाम है कि पहले की अपेक्षा संचारी रोगों में कमी आई है ।

राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डा. विकास सिंघल ने कहा – रोगों का इलाज कराने से बेहतर है कि उनसे पहले से ही बचा जाए। संचारी रोगों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया आदि आते हैं। अगर हम थोड़ी सी सावधानी बरतें तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है । इनमें से अधिकांश बीमारियाँ मच्छरजनित हैं जो कि गंदगी, जल भराव से होती हैं, इसलिए हमें आम लोगों को जागरूक करना है कि वह अपने घर व आस-पास सफाई रखें और पानी न जमा होने दें।

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय भटनागर ने कहा- स्वास्थ्य विभाग को इस अभियान का नोडल बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग 12 अन्य विभागों नगर विकास, ग्राम्य विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार, कृषि, पशुपालन, दिव्यांग कल्याण, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, सिंचाई, पंचायतीराज, वाणिज्यकर एवं मनोरंजन तथा सूचना एवं जनसंपर्क के साथ समन्वय स्थापित कर दिमागी बुखार व संचारी रोग पर प्रभावी नियंत्रण एवं क्षय उन्मूलन के लिए एक साथ मिलकर अभियान को चलाएगा। अभियान को सफल बनाने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है ।

इस मौके पर राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. के.पी.त्रिपाठी ने स्लाइड के माध्यम से बताया - इस अभियान को सफल बनाने में ए.एन.एम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है और उनका मार्च के पहले सप्ताह में संवेदीकरण किया जायेगा । उन्हें मातृ समूह की बैठक का आयोजन, समय समय पर स्कूलों का भ्रमण और शिक्षकों को बच्चों में जागरूकता बढ़ाने में मदद करना, दिमागी बुखार पर स्वयं सहायता समूहों की बैठक करना, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति की बैठकों का आयोजन करना एवं पेय जल को साफ करने के लिए क्लोरीनेशन का डेमो आयोजित करना आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।

डा. त्रिपाठी ने बताया- जिले में दस्तक अभियान के तहत 10 से 24 मार्च के बीच आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों से बचाव के लिए तथा मच्छर पर वार के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी | इस बार दस्तक अभियान में ए.एन.एम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर जन समुदाय को संचारी रोगों से बचने के लिए जानकारी और जागरूकता सर्वेक्षण के साथ हर घर पर क्षय रोग के संभावित रोगियों की जानकारी भी एकत्र करनी है । यदि कोई संभावित रोगी मिलता है तो रोगी का नाम, पता और मोबाइल नम्बर आदि जानकारी फार्मेट में एकत्र की जायेगी। इसके साथ प्रत्येक कार्य दिवस पर किये गए जन्म तथा मृत्यु पंजीकरण सूची, दिमागी बुखार के कारण दिव्यांग हुए लोगों और कुपोषित बच्चों की सूचना भी एकत्र करनी है। प्रतिदिन शाम को क्षेत्रीय ए.एन.एम के माध्यम से अभियान की रिपोर्ट ब्लाक स्तरीय प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजी जायेगी।

अभियान के दौरान चिकित्सा विभाग का कार्य जन समुदाय को जागरूक करने के साथ ही यह पता करना है कि अगर कोई भी व्यक्ति दिमागी बुखार से प्रभावित पाया जाता है तो उसकी तुरंत जांच कर उपचार शुरू करें। नगर विकास विभाग का काम नालियों की सही तरीके से साफ - सफाई तथा सफाई के पश्चात कचरे का निस्तारण करना है ताकि गंदगी में मच्छर न पनपने पाए। नालियां अगर खुली हुई है तो उनको ढ़कने का कार्य करें। पंचायती राज विभाग के कार्यो के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ग्राम स्वास्थ्य, पोषण समिति की बैठक कर ग्रामीणों को स्वच्छता के बारे में जागरूक करें और उन्हें साफ सफाई के महत्त्व के बारे में बताएं । लोगों को जागरूक करें कि मच्छर के काटने से स्वयं को बचाएं और अगर बुखार की कोई भी समस्या है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर उपचार करायें ।

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