प्रमोशन में आरक्षण पर सियासी घमासान तेज : बसपा और कांग्रेस भाजपा पर हमलावर, सपा का स्टैंड तय नहीं

- उत्तर प्रदेश में अब आरक्षण को गरमाने की कोशिश
- सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के पिछले साल के एक आदेश को पलटते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रमोशन में आरक्षण को बाध्य नहीं

लखनऊ. सात फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के पिछले एक आदेश को पलटते हुए कहा था कि प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है और राज्य को इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद यूपी सहित देश भर में सियासी घमासान शुरू हो गया है। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी सड़क से संसद में प्रदर्शन कर रही है, वहीं बहुजन समाज पार्टी ने निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र के रवैये से आरक्षित वर्गों की उपेक्षा हो रही है। मामले को लेकर बसपा और कांग्रेस भाजपा पर हमलावर हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी का स्टैंड तय नहीं है।

फोन पर की गई बातचीत के दौरान मामले पर कुछ भी बोलने से बचते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा कि वह बाहर हैं। लिहाजा अभी कोई स्टेटमेंट नहीं दे सकते। वहीं, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर रणनीति दिल्ली से तय होगी और इस पर कोई भी फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही लेगा। हालांकि, मुद्दे पर लोकसभा में हंगामे के दौरान केंद्रीय समाजिक न्याय और अधिकरिता मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने साफ कर दिया था उसका इस आदेश से कोई लेना-देना नहीं है और न ही केंद्र सरकार इस मामले में पार्टी है। तब उन्होंने यह जरूर कहा था कि सरकार इस मामले पर उच्चस्तरीय चर्चा करेगी।

मुख्यधारा में शामिल होने तक मिले आरक्षण : मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारें जातिवादी रवैये के कारण दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को आरक्षण की व्यवस्था के माध्यम से देश की मुख्यधारा में शामिल करने में विफल रही हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस के बाद अब भाजपा का भी उपेक्षित रवैया अति गंभीर व दुर्भाग्यपूर्ण है।भाजपा-कांग्रेस अपनी नीयत, नीति व कार्यप्रणाली से हर वह काम करती हैं, जिससे सदियों से शोषित, पीड़ित व उपेक्षित रहे कमजोर वर्गों को मिलने वाला आरक्षण निष्क्रिय और कागजों पर रह जाये। इससे पूरा समाज उद्वेलित व आक्रोशित है। केंद्र सरकार से मांग करते हुए मायावती ने कहा कि सरकार आरक्षण की सकारात्मक व्यवस्था को संविधान की 9वीं अनुसूची में लाकर इसको सुरक्षा कवच तब तक प्रदान करे, जब तक उपेक्षा व तिरष्कार से पीड़ित करोड़ों लोग देश की मुख्यधारा में शामिल नहीं हो जाते हैं, जो आरक्षण की सही संवैधानिक मंशा है।

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षड़यंत्र के तहत आरक्षण समाप्त कर रही बीजेपी : अजय लल्लू
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि भाजपा के डीएनए में और आरएसएस की सोच में दलित और आरक्षण विरोध है, इसीलिए षड़यंत्र के तहत आरक्षण को समाप्त कर रही है। इस बारे में समय-समय पर बीजेपी के शीर्ष नेताओं के आरक्षण विरोधी बयान भी आये हैं। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस आरक्षण बचाने की लड़ाई लड़ेगी। इसके लिए सड़क पर आंदोलन और सदन में बीजेपी सरकार का विरोध होगा। रविवार को लखनऊ में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आरक्षण बचाने को लेकर परिवर्तन चौक से हजरतगंज तक पदयात्रा निकाली।

बराबरी का हक छीन रही है मोदी सरकार : प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा ने पहले दलित आदिवासियों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ बने कानून को कमजोर करने की कोशिश की और अब संविधान और बाबा साहेब द्वारा दिए बराबरी के अधिकार को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि आरएसएस वाले लगातार आरक्षण के खिलाफ बयान देते हैं, फिर उत्तराखंड की भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालती है कि आरक्षण के मौलिक अधिकार को खत्म कर दिया जाए और उसके बाद यूपी सरकार भी नियमों से छेड़छाड़ शुरू कर देती है।

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Hariom Dwivedi
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