अभी तक गड्डा मुक्त सड़क नहीं बना पाई बीजेपी सरकार: कांग्रेस

अभी तक गड्डा मुक्त सड़क नहीं बना पाई बीजेपी सरकार: कांग्रेस

Prashant Srivastava | Publish: Sep, 11 2018 08:37:27 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कांग्रेस ने गड्ढा मुक्त सड़क के वादे को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा है।

लखनऊ. कांग्रेस ने गड्ढा मुक्त सड़क के वादे को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा है। प्रदेश प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि वैसे तो केशव प्रसाद मौर्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और लोकनिर्माण मंत्री हैं 19 मार्च 2017 को सरकार बनने के बाद उन्होने घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश की सड़को को 15 जून 2017 तक गड्ढा मुक्त कर दिया जायेगा किन्तु 15 जून 2017 एवं 15जून 2018 भी बीत गया परन्तु उत्तर प्रदेश के किसी भी कोने में कहीं भी सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो पायी हैं। नई सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है लेकिन माननीय मंत्री जाति विशेष के नेताओं के नाम पर सड़कों का नाम रखे जाने की घोषणाएं लगातार करते जा रहे हैं। अच्छा हो कि माननीय मंत्री कहीं सड़क भी बनायें और उसका नाम महापुरूषों के नाम पर रखें लेकिन वह सरकार में तय और नीयत जिम्मेदारी लेाकनिर्माण विभाग का काम छोड़कर समाज को जाति के टुकड़ों-टुकड़ों में बांटने का काम अवश्य कर रहे हैं।

लगातार जातीय सम्मेलनों में दूसरे वर्गों और पार्टियों पर मर्यादाहीन कटाक्ष करते हैं, समाज में कटुता और घृणा का माहौल बना रहे हैं ऐसा सब श्री मौर्य इसलिए कर रहे हैं कि जिन वादों और नारों को लेकर भाजपा विशाल बहुमत से सत्ता में आयी थी उन विषयों पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पा रही है चाहे वह प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार देने की बात हो, मंहगाई कम करने की बात हो, बहन-बेटियों की सुरक्षा का मामला हो, चाहे किसानों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाने का मामला रहा हो, सभी मुद्दों पर यह सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।


ऐसे में विकास और रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में नये आयाम स्थापित करने की बात करने वाली आदित्यनाथ सरकार केवल जातीय कटुता फैलाने तक ही सीमित होकर रह गयी है। इन जातीय सम्मेलनों में स्वयं मुख्यमंत्री योगी का शामिल होना और भी अधिक गंभीर है। जबकि यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने इन जातीय सम्मेलनों पर रोक लगाने का आदेश दिया था किन्तु भारतीय जनता पार्टी उच्च न्यायालय के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर न्यायालय के आदेश की अवहेलना और समाज विभाजित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है।

 

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