नहीं रहीं शीला दीक्षित, यूपी से था गहरा जुड़़ाव, प्रदेश की इस सीट से रह चुकी हैं सांसद

नहीं रहीं शीला दीक्षित, यूपी से था गहरा जुड़़ाव, प्रदेश की इस सीट से रह चुकी हैं सांसद
sheila dikshit

Abhishek Gupta | Publish: Jul, 20 2019 04:34:32 PM (IST) | Updated: Jul, 20 2019 04:50:08 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh की कन्नौज (kannauj) से सांसद व तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) का शनिवार को निधन हो गया।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की कन्नौज (kannauj) से सांसद व तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं 81 वर्षीय शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) का शनिवार को निधन हो गया। वह आज सुबह दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं। बताया जा रहा है कि सुबह घर पर उन्हें कई उल्टियां हुई जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनके निधन की खबर से कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है। लोकसभा चुनाव 2019 में वह कांग्रेस की ओर से दिल्‍ली की उत्‍तर पूर्वी सीट से उम्‍मीदवार थीं, लेकिन बीजेपी से मनोज तिवारी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।

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यूपी में किया आंदोलन-

शीला शीला दीक्षित ने महिला उत्थान के लिये कई अथक प्रयास किये हैं। उन्होंने महिलाओं को समाज में बराबरी का स्थान देने के लिए कई अभियान भी चलाए। इन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ की महिला स्तर समिति में पांच वर्षों (1984 - 89) तक भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। उत्तर प्रदेश में उन्होंने अपने 82 साथियों के साथ अगस्त 1990 में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आंदोलन भी किया था, जिसके चलते राज्य सरकार ने उन्हें जेल भी भेजा था।

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कन्नौज से रह चुकी हैं सांसद-

पति विनोद दीक्षित की मौत के बाद ससुर उमाशंकर दीक्षित की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए 1984 में इंदिरा गांधी की हत्‍या के बाद शीला दीक्षित यूपी के कन्‍नौज से लोकसभा पहुंचीं। हालांकि इसके बाद वह यहां से लोकसभा चुनाव हार गई थी, जिसके बाद वब दिल्‍ली चली गई। 1998 में पूर्वी दिल्‍ली से उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी बीजेपी के लाल बिहारी तिवारी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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