तीन राज्यों में जीत के बाद कांग्रेस में मिशन यूपी की तैयारी, नए चेहरों को मिलेगा मौका

तीन राज्यों में जीत के बाद कांग्रेस में मिशन यूपी की तैयारी, नए चेहरों को मिलेगा मौका

| Updated: 17 Dec 2018, 03:46:13 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

तीन राज्यों में जीत के बाद कांग्रेस में मिशन यूपी की तैयारी, नए चेहरों को मिलेगा मौका

लखनऊ. राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में जीत के बाद कांग्रेस का अब यूपी पर विशेष फोकस है। महागठबंधन में फंसे पेंच के बावजूद कांग्रेस ने यूपी में तैयारी शुरू कर दी हैं। अभी दो फॉर्मेट मे प्लानिंग की जा रही है। पहली स्थिति बिना गठबंधन के कैसे लड़ना है और दूसरी स्थिति में गठबंधन हुआ तो कौन सी सीटों पर लड़ना है। सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस ने 15-20 सीटों की मांग की है। अगर महागठबंधन नहीं हुआ तो कांग्रेस सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना है।

सभी नेता अपना योगदान गिनाने में जुटे

प्रदेश कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट होते ही यहां नेताओं में गुटबाजी का दौर शुरू हो गया है। तीन राज्यों के चुनाव परिणाम आते ही यहां तमाम कार्यकर्ता इस चुनाव में अपने-अपने नेताओं का योगदान गिनाने में जुट गए हैं। यही नहीं, पोस्टरों में दिख रहीं तस्वीरें भी कई इशारे कर रही हैं।चुनाव भले ही अन्य राज्यों में थे, लेकिन यूपी के सभी बड़े नेताओं को चुनावी समर में उतार दिया गया था। पीएल पुनिया तो छत्तीसगढ़ मामलों के कांग्रेस प्रभारी ही थे। जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह समेत अन्य पिछले दो महीने से इन राज्यों में आते-जाते रहे और चुनाव प्रचार करते रहे।

पीएल पुनिया और जितिन का बढ़ सकता है कद

राजस्थान में सचिन पायलट, मध्य प्रदेश में ज्योर्तिादित्य सिंधिया के अहम योगदान को ध्यान में रखते हुए यूपी में जितिन प्रसाद का कद बढ़ सकता है। तीनों को ही राहुल गांधी का करीबी माना जाता रहा है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर जितिन के नाम पर महुर लगने की उम्मीद कुछ महीने पहले थी लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण यूपी के संगठन में फेरबेदल पर फैसला नहीं लिया गया था लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस माह के अंत तक बदलाव कर दिए जाएंगे। अगर राज बब्बर जाते हैं तो जितिन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है वहीं अगर वह नहीं भी जाते हैं तो कोई दूसरा अहम पद उन्हें दिया जाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे पीएल पुनिया का प्रदेश संगठन में कद बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।


नए साल से नए कलेवर में यूपी कांग्रेस

नए साल से पहले सांगठनिक तौर पर भी बदलाव की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में सभी कार्यकर्ताओं की अपनी पसंद के नेताओं के लिए गोलबंदी हो रही है ताकि उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी मिले। यही नहीं, अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बनने वाली पार्टी की तमाम कमिटियों में भी कार्यकर्ता अपने नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिलना देखना चाहते हैं। इन्हीं वजहों से यह लामबंदी का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि जब तक संगठन पर केंद्रीय नेतृत्व अंतिम फैसला नहीं ले लेता, तब तक यह स्थिति जारी रहेगी।

युवा नेताओं को भी तरजीह

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अलाकमान की ओर से प्रदेश में कई नए युवा नेताओं की मिशन 2019 के लिए संगठन में अहम भूमिका होने वाली है। ललितेश पति त्रिपाठी, अदिति सिंह व अराधना मिश्रा को भी अहम रोल दिया जा सकता है। कांग्रेस प्रवक्ता अभी संगठन में फेरबदल को लेकर बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन राजब्बबर ने कहा है कि यूपी में कांग्रेस 2019 के लिए संगठन नए कलेवर में दिखेगा। जो भी बदलाव होंगे व जल्द नजर आएंगे।

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