राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दीक्षांत समारोह में कह दी यह बड़ी बात, सब पड़ गए सोच में

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दीक्षांत समारोह में कह दी यह बड़ी बात, सब पड़ गए सोच में
anandi ben patel

Anil Ankur | Updated: 23 Aug 2019, 12:08:48 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

राज्यपाल ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पदक वितरित किये

राज्यपाल ने भगिनी निवेदिता छात्रावास का लोकार्पण किया

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में इन्फोसिस के संस्थापक एन0आर0 नारायण मूर्ति को मानद उपाधि प्रदान की तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को 34 स्वर्ण पदक प्रदान किये। दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कुलपति प्रो0 श्रीनिवास, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा राधा चैहान सहित जनपद के जनप्रतिनिधि एवं विशिष्टजन उपस्थित थे। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के प्रयुक्त विज्ञान विभाग तथा आई0टी0सी0ए0 विभाग के विस्तार निर्माण का शिलान्यास भी किया।


राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राआंे को गौरवपूर्ण अवसर प्रदान करता है जब ज्ञान की प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा होता है। दीक्षा का अंत हो सकता है परन्तु ज्ञानार्जन का मार्ग आजीवन खुला रहता है। बुलंदी पर पहुंचना ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसको बनाये रखना महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के केन्द्र होते हैं। हमें विचार करना चाहिए कि उच्च शिक्षा की दिशा एवं उद्देश्य क्या हो। छात्र छात्राओं को उपाधि देकर यह काम पूरा नही हो सकता है बल्कि उच्च शिक्षा विकास का एक सशक्त माध्यम बने। उन्होंने कहा कि उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओं को नवाचार के बारे में विचार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह गुरूकुल की परम्पराओं और उपनिषद की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है जो सत्य बोलने, धर्म के मार्ग पर चलने एवं स्वाध्याय से कभी विमुख न होने की प्रेरणा देते हंै। राज्यपाल द्वारा दिलाई गयी प्रतिज्ञा के आदर्श पथ पर चलकर छात्र-छात्रायें अपनी प्रतिभा का लाभ समाज को दें। मुख्यमंत्री ने सरकार की अन्य उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
दीक्षांत समारोह के उपरान्त राज्यपाल ने सरस्वती बालिका विद्यालय सूरजकुण्ड में विद्यालय द्वारा संचालित भगिनी निवेदिता छात्रावास का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने कहा कि गुरू-शिष्य परम्परा एक परिपाटी है जो बालक-बालिकाओं को श्रेष्ठ चरित्र निर्माण हेतु प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि संस्कारित शिक्षा ही छात्राओं को कुशल गृहणी एवं कुशल माँ के रूप में संतानों के जरिये अगली पीढ़ी को संस्कारवान बनाती है।

राज्यपाल ने गोरखपुर भ्रमण पर मुख्यमंत्री के साथ गोरखनाथ मंदिर के दर्शन भी किये। मुख्यमंत्री ने दर्शन के उपरान्त राज्यपाल को अंगवस्त्र देकर सम्मान किया।

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