खतरनाक होता जा रहा कोविड-19, बना रहा शरीर में ब्लड क्लॉटिंग, इससे हो रही जल्दी मौतें, डॉक्टर का दावा

यूपी में कोरोना के मामले डेढ़ लाख के करीब पहुंच गए हैं। समय के साथ ही कोरोना अपना रूप बदलता जा रहा है, जिससे कि बीमारियों को पहचान कर उससे लड़ने वाली एंटीबॉडीज भी नाकाम साबित हो रही है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 14 Aug 2020, 05:03 PM IST

लखनऊ. यूपी में कोरोना (coronavirus in UP) के मामले डेढ़ लाख के करीब पहुंच गए हैं। समय के साथ ही कोरोना (Covid 19) अपना रूप बदलता जा रहा है, जिससे कि बीमारियों को पहचान कर उससे लड़ने वाली एंटीबॉडीज भी नाकाम साबित हो रही है। ताजा रिसर्च में तो कोरोना मरीजों के शरीर में खून का थक्का भी बना रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो ही और उनके अचानक ही खत्म होने का संभावना बढ़ रही है। यदि यही स्थिति रही व इसका इलाज अभी जल्द मिला को नतीजे और भयावह हो सकते हैं। यूपी में सीएम योगी की कोविड-19 थिंकटैंक के सदस्य और केजीएमयू के पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने इस ओर बड़ी चिंता जताई है।

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इससे मरीजों की हो रही अचानक मौत-

उन्होंने कहा कि कोविड 19 फेफड़ों की नसों में ब्लड का थक्का बना रहा है। कोरोना वायरस के मरीजों में अन्य बीमारियों की अपेक्षा ज्यादा ब्लड क्लॉटिंग हो रही है। ब्लड क्लॉटिंग के कारण ही शरीर में ऑक्सीजन के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं। इसके अभाव में कोरोना से जूझ रहे मरीजों की अचानक मौत हो जा रही है। अब तक प्रदेश में संक्रमित मामलों में से 2335 लोगों की मृत्यु हुई है। उत्तर प्रदेश में कोरोना मामलों में मृत्यु दर 1.6% हो गया है।

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क्लॉटिंग जांचने के लिए डायमर का टेस्ट-

डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि शरीर में क्लॉटिंग जांचने के लिए डायमर का टेस्ट कराते हैं। वर्तमान में कोविड-19 केसेस में ज्यादा क्लॉटिंग हो रही है। ऐसा क्यों है, इस पर शोध जारी है। दुनिया भर में क्लॉटिंग के बहुत सारे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। डॉक्टर ने आगे बताया कि क्लॉटिंग जांचने के लिए डायमर टेस्ट में यदि डी डायमर का लेवल बढ़ा हुआ है तो हम लोग ट्रीटमेंट का प्रोटोकॉल फॉलो करते हैं और मरीजों को थक्के कम करने के लिए यानी कि खून पतला करने वाली दवा देते हैं। जिससे जमा हुए थक्के को कम किया जा सके और मरीज को बचाया जा सके।

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