तीन से चार मिनट में लगेगा कोरोना का पता, जांच के लिए नहीं करना होगा घंटों इंतजार

अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके इसके लिए केजीएमयू में रैपिड टेस्टिंग किट्स (आरटीके) कोविड-19 जांच की सुविधा शुरू होगी

By: Karishma Lalwani

Published: 05 Apr 2020, 12:54 PM IST

लखनऊ. प्रदेश में कोरोना वायरस (Covid-19) के केस बढ़ते जा रहे हैं। अब तक 4000 से ज्यादा नमूनों की जांच हो चुकी है। अकेले केजीएमयू में करीब 3000 जांच हो चुकी हैं। एक सैंपल की जांच में छह से आठ घंटे का समय लगता है। ऐसे में कई बार समय रहते कुछ जांचें नहीं हो पातीं। अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके इसके लिए केजीएमयू में रैपिड टेस्टिंग किट्स (आरटीके) कोविड-19 जांच की सुविधा शुरू होगी। इससे कोरोना वायरस के संक्रमण का पता तीन से चार मिनट में चल जाएगा। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने रैपिड टेस्टिंग किट्स कोविड-19 को मंजूरी दे दी है।

सिर्फ अस्पताल में उपलब्ध होगी किट

केजीएमयू में जल्द ही रैपिड टेस्टिंग किट्स की शुरुआत कर दी जाएगी। यह किट मेडिकल स्टोरों पर उपलबेध नहीं होगी। जिन अस्पतालों में कोरोना वायरस की जांच हो रही है या जिन्हें सरकार ने अधिकृत किया है, यह किट वहीं पर उपलब्ध होगी। इस किट के इस्तेमाल पर केजीएमयू कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि यह सुविधा कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के लिए वरदान साबित होगी।

यह होगा अंतर

वर्तमान में अस्पतालों में एलाइजा जांच से कोरोना संक्रमण की पहचान हो रही है। इसमें मरीज की लार या फिर नाक के पानी से जांच होती है। रैपिड टेस्टिंग किट में खून की एक बूंद से जांच हो जाएगी। इसकी रिपोर्ट भी तीन से चार मिनट में जाएगी। जिनकी रिपोर्ट पॉजटिव आएगी उनकी एलाइजा जांच कराई जाएगी।

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