scriptCovid guideline not followed in capital Lucknow | ओमिक्रॉन का खौफ नहीं, हल्के में संक्रमण को ले रहे हैं लोग, कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं | Patrika News

ओमिक्रॉन का खौफ नहीं, हल्के में संक्रमण को ले रहे हैं लोग, कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं

फिर दिख सकता है 2021 का मंजर

लखनऊ

Published: January 10, 2022 05:31:41 pm

पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट
लखनऊ. यूपी में कोरोना वायरस का संक्रमण इस बार बहुत तेजी ये बढ़ रहा है। लेकिन इस तेजी के बावजूद लोगों की लापरवाहियां कम नहीं हुई हैं। किसी भी जगह देख लीजिए। चाहे बाजार हो या फिर आफिस हर जगह कोविड गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही हैं। न कहीं सैनेटाइजर दिखता है न किसी के मुंह पर मास्क। शायद लोग भूल गए हैं कि पिछले साल 2021 में कोरोना के दूसरे चरण में अनगिनत मौते हुईं। श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों तक में जगह कम पड़ गयी थी। अब जबकि ओमिक्रान वायरस की तीसरी लहर तेजी से लोगों को अपने आगोश में ले रही है फिर भी लोग संक्रमण को हल्के में ले रहे हैं।
ओमिक्रॉन का खौफ नहीं, हल्के में संक्रमण को ले रहे हैं लोग, कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं
ओमिक्रॉन का खौफ नहीं, हल्के में संक्रमण को ले रहे हैं लोग, कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं
राजधानी में हर तरफ लापरवाही

लखनऊ शहर के कहीं भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा हैं। लोग बेपरवाह होकर घूम रहे हैं। न मास्क लगा रहे हैं और न ही दो गज की दूरी रख रहे हैं। लोगो के पास सैनिटाइजर तक नहीं है। अमीनाबाद, नजीराबाद, लाटूश रोड, गणेशगंज, कैसरबाग, हजरतगंज , हलवासिया, चौक, पुराना लखनऊ हो या फिर शहर के किसी भी अस्पताल में चले जाएं कहीं भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा। हर किसी को जल्दी है पहुंचने की लेकिन उस जल्दी की वजह से कितने मरेंगे यह नहीं पता। जिन अस्पतालों, सामुदायिक केन्द्रो में कोरोना टेस्ट किया जा रहा हैं वहा लाईने लंबी हैं लेकिन लोग लापरवाही में कोरोना को दावत दे रहे हैं।
प्रशासन की सतर्कता कागजों में

प्रशासन ओमिक्रॉन वायरस को लेकर सतर्क है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट किया है। अस्पतालों ,मॉल,बाजारों,सर्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान शुरू करवाया गया है। ऑक्सीजन की कमी अस्पताल में न होने पाए इसके भी आदेश दिए जा चुके थे। रात्रि कफ्र्यू भी लगाया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री कोविड-19 कमांड सेंटर, कोविड-19 अस्पतालों का निरीक्षण भी खुद कर रहे हैं। लेकिन यह सब सतर्कता कागजों तक सीमित है।
बुजुर्गों को लग रही 'बूस्टर डोज'

प्रदेश में दो से ढाई लाख लोंगो के कोविड टेस्ट रोज हो रहे हैं। 90 फीसदी केसों में इस बार कोरोना के कोई लक्षण नहीं देखने को मिल रहा। ज्यादातर मरीजों का इलाज घर में हो रहा है। बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Corona Update in Delhi: दिल्ली में संक्रमण दर 30% के पार, बीते 24 घंटे में आए कोरोना के 24,383 नए मामलेSSB कैंप में दर्दनाक हादसा, 3 जवानों की करंट लगने से मौत, 8 अन्य झुलसे3 कारण आखिर क्यों साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारा भारतUttar Pradesh Assembly Election 2022 : स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले-बहुमत से बनाएंगे सरकारParliament Budget session: 31 जनवरी से होगा संसद के बजट सत्र का आगाज, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगाHowrah Superfast- हावड़ा सुपरफास्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को परिवर्तित मार्ग से करना पड़ेगा सफर, इन स्टेशनों पर नहीं जाएगी ट्रेनपूर्व केंद्रीय मंत्री की भाजपा में वापसी की चर्चाएं, सोशल मीडिया पर फोटो से गरमाई सियासतTrain Reservation- अब रेल यात्रियों के पांच वर्ष से छोटे बच्चों के लिए भी होगी सीट रिजर्व, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.