बीएसएफ जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा गाँव

डीएम और एसपी सहित जिले के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

By: Ritesh Singh

Published: 05 Sep 2020, 06:45 PM IST

लखनऊ ,उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के रहने वाले बीएसएफ जवान वीरपाल सिंह पाल बुधवार की रात शहीद हो गए। उनकी शहादत होने की सूचना मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। जिले के सौरिख थाना क्षेत्र के भग्गीपुरवा के रहने वाले बीएसएफ जवान वीरपाल सिंह पाल जम्मू कश्मीर के सुंदरवन में हवलदार के पद पर तैनात थे। बताया जाता है कि पेट्रोलिंग करते समय पहाड़ी से पैर फिसलने से शहीद जवान की मौत हो गयी है। शहीद का शव पहुँचते ही जिले में भर में शोक की लहर दौड़ गयी, हर किसी की आँख नम थी तो वहीँ शहीद की बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल था, शव पहुँचने की सूचना मिलते ही डीएम और एसपी सहित जिले के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

जम्मू कश्मीर के राजौरी के सुंदरबनी बॉर्डर पर पेट्रोलिंग करते समय कन्नौज का लाल वीरपाल सिंह शहीद हो गया, आज शहीद का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचे ही सभी की आँखे नम हो गयी। मौके पर जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा के साथ पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह भी पहुँच गए। परिवार में कोहराम मचा रहा। कन्नौज जिले के भग्गीपुर्वा गांव के रहने वाले 50 वर्षीय वीरपाल पुत्र रतीराम बीएसएफ में थे। जवान के शहीद होने की सूचना पर गुरुवार सुबह तिर्वा एसडीएम जयकरन, तहसीलदार मोहित लाल वर्मा, सौरिख प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर वर्मा, चौकी प्रभारी अरिमर्दन सिंह ने गांव जाकर परिजनों से मुलाकात की। वीरपाल की शहादत की सूचना से गांव में शोक छा गया। परिजन भी रो-रोकर बेहाल थे।

बेटे विकास उर्फ़ चमन प्रताप ने बताया कि एक सितंबर की रात को पिता से बात हुई थी। पिता ने बताया था कि छुट्टी मंजूर हो गई है और वह इसी माह घर आएंगे। सभी को उनके आने का इंतजार था। इसके पहले 27 जनवरी को एक माह की छुट्टी पर घर आए थे। इसी अवधि में उन्होंने बड़ी बेटी पूनम पाल की शादी की थी। देर रात बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि बार्डर पर पेट्रोलिंग करते समय पैर फिसलने से वह नीचे जा गिरे थे। बेटे ने बताया कि पिता वर्ष 1995 में अहमदाबाद में 69 बटालियन बीएसएफ में भर्ती हुए थे।

Ritesh Singh
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