कर्ज में डूबे अन्नदाताओं पर बढ़ा कर्ज का बोझ, फिर बाढ़ और अब नकली बीज

कर्ज में डूबे अन्नदाताओं पर बढ़ा कर्ज का बोझ, फिर बाढ़ और अब नकली बीज
Debt providers increased debt burden, floods and now fake seeds

Anil Ankur | Updated: 09 Oct 2019, 02:09:28 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

प्रियंका गांधी ने किया ट़्वीट- किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं
कर्ज में डूबे किसान करने लगे आत्म हत्या
नौकरशाहों की लापरवाही से उजड़ रहे अन्नदाता

 

लखनऊ। यूपी में किसानों के ऊपर एक के बाद एक आफत टूट कर गिर रही है। पहले कर्ज से दबे किसानों पर ब्याज दर ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है। कुर्की से दुखी किसान आत्म हत्या कर रहे हें। वर्ष 2015 में इसी प्रकार की आपदा आई थी और ओला वृष्टि से दुखी किसानों ने एक महीने में 69 ने आत्महत्या कर ली थी। इस बार भी कमोवेश वही हाल होते दिख रहे हैं। इस साल दो महीने के भीतर बुदेंलखंड में 17 किसान अपनी जान दे चुके हैं। पूर्वांचल में भी किसानों पर बाढ़़ कोहराम मचा हुआ है। पर किसानों की आफत यहीं खत्म नहीं हुई। कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान के नकली बीज दे दिए गए, जिससे उनका उत्पादन 10 फीसदी रहने की आशंका जताई जा रही है। ये बीज पश्चिम उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में एक अमेरिकन कम्पनी द्वारा आपूर्ति किए गए थे। जानकारों का कहना है कि अगर हालात न सुधरे तो किसान और भी गंभीर कदम उठा सकते हैं। किसानों की हालत पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके कहा है कि किसानों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अमीन किसान की कुर्की करने पहुंचा

महोबा के प्रशासन का अमीन किसान की कुर्की करने पहुंचा। उसका बैंक पर सिर्फ 70 हजार रुपया बकाया था। किसान ने अमीन के पैरों पर अपनी पगड़ी रख दी, हुजूर अन्न पैदा नहीं हुआ, ऊपर से बाढ़ का कहर ने हमें बर्बाद कर दिया है। जनवरी में बिटिया की शादी करनी है। हमें समय दे दीजिए। पूरे गांव और परिवार के सामने अमीन ने रौब में उसे उल्टे सीधे शब्द कहे और दोबारा आने की चेतावनी देते हुए अरेस्ट करने की धमकी देकर चला गया।

कभी परिवार का मूंह देखता किसान, तो कभी उस भीड़ को, जो उसे चाचा, काका और भैया कहकर बुलाती थी। अब उसे लगा कि उसकी सारी इज्जत मिट्टी में मिल गई है। अमीन के जाने के बाद उसने रात में खाना नहीं खाया। सब लोग सो गए, पर उसे नींद नहीं आई। सुबह जब लोग जागे तो देखा कि उसने आत्म हत्या कर ली है।

ट्रेन से कटकर की आत्म हत्या

महोबा और हमीरपुर जिले में दो कर्जदार किसानों ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। महोबा की सदर तहसील क्षेत्र के उपजिलाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि कस्बा श्रीनगर में मुहल्ला भैरवगंज के रहने वाले 44 साल के किसान शंकर कुशवाहा ने महोबा-खजुराहो रेल लाइन में ट्रेन से कट कर आत्महत्या कर ली।

महोबा में 1 लाख 30 हजार के लिए जान दी

मृतक किसान के भाई मनमोहन ने बताया कि शंकर भैया ने इस साल अपने 10 बीघा खेतों में उर्द, मूंग और तिल की फसल बोई थी, जो बाढ़ और अतिवृष्टि से नष्ट हो गई. उसने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत इलाहाबाद बैंक से एक लाख तीस हजार रुपये का कर्ज भी लिया था, जिसे वह अदा नहीं कर पा रहा था। राजस्व और पुलिस विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

हमीरपुर में किसान ने की आत्महत्या

हमीरपुर के सौखर गांव में 65 वर्षीय किसान राम खेलावन ने खेत की मेड़ में लगे एक पेड़ से फंसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सात बीघा कृषि भूमि मालिक राम खेलावन ने इस बार तिल की फसल बोई थी जो बाढ़ और अतिवृष्टि से नष्ट हो गई। किसान के बेटे दयाशंकर ने बताया कि उसके ऊपर किसान क्रेडिट कार्ड से लिया गया एक लाख रुपये और इतना ही गांव के साहूकारों तथा रिश्तेदारों का कर्ज है। ये सभी कर्ज के लिए परेशान कर रहे थे। कर्ज अदा न कर पाने से दुखी होकर उसके पिता ने आत्महत्या कर ली।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

कृषि विभाग के उपनिदेशक आरके पांडेय का कहना है कि किसानों के नुकशान की रिपोर्ट मंगाई गई है। यूपी के 25 जिले भारी वर्षा से प्रभावित थे। अब जिलों से रिपोर्ट आने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिलाधिकारियों ने तुरंत राहत पहुंचाने का काम किया है।

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