डिफॉल्टर चीनी मिल मालिक भागे विदेश, जब्त होंगे पासपोर्ट

डिफॉल्टर चीनी मिल मालिक भागे विदेश, जब्त होंगे पासपोर्ट
Defaulter Sugar Mill

Ritesh Singh | Updated: 28 Aug 2016, 03:06:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

374 करोड रुपए गन्ना मूल्य बकाया है।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए डिफॉल्टर चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी करने और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3,7 में एफआईआर दर्ज कराने के बाद सरकार उनके मालिकों के पासपोर्ट भी जब्त कराएगी। विदेश गए दो मिल मालिकों उमेश मोदी, व राणा करण प्रताप सिंह की स्वदेश वापसी भी कराई जाएगी इसके लिए विदेश मंत्रालय ने अनुरोध किया जा रहा है।

गन्ना भुगतान को लेकर राज्य सरकार की शक्ति अब दिखने लगी है। नौ चीनी मिलों के खिलाफ आरसी जारी करने के बाद उनके मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस छापेमारी में मोदी समूह के मालिक उमेश मोदी के लंदन चले जाने की जानकारी मिली। उनकी दो चीनी मिले हैं। गाजियाबाद में मोदीनगर और बागपत में मलकपुर इन दोनों चीनी मिलों पर 374 करोड रुपए गन्ना मूल्य बकाया है।
राणा समूह के एक मालिक राणा करण प्रताप सिंह युगांडा चले गए हैं। राणा समूह की चार मिले हैं और उन पर 200 करोड रुपए गन्ना मूल्य बकाया है। किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए इन दोनों चीनी मिल मालिकों की स्वदेश वापसी जरूरी है। इसके लिए विदेश मंत्रालय के स्तर पर पर प्रयास किए जाएंगे।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि 4 डिफाल्टर चीनी मिल समूहों के पासपोर्ट निरस्त करने के लिए विदेश मंत्रालय को लिखा जा रहा है ताकि गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग जाएं। जिन मालिकान के पासपोर्ट निरस्त करने का अनुरोध किया जा रहा है | उनमें सिंभावली ग्रुप की सिमरन कौर मान और गुरु कृपाल सिंह, राणा ग्रुप के राणा इंदर प्रताप सिंह, राणा कारन प्रताप सिंह और इसी ग्रुप के जीएम सिकंदर गोचर, मवाना ग्रुप के मालिक सिद्धार्थ और मोदी ग्रुप के उमेश मोदी शामिल हैं।
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