यूपी बोर्ड: 11 लाख छात्रों के परीक्षा छोड़ने की जांच कराएगी योगी सरकार

यूपी बोर्ड में इस बार रिकॉर्ड 11 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा छोड़ी। योगी सरकार कराएगी जांच.....

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Published: 13 Mar 2018, 03:48 PM IST

लखनऊ. यूपी बोर्ड में इस बार रिकॉर्ड 11 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा छोड़ी। अब डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि जिन विद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ी उनकी खासतौर पर जांच की जाए। दरअसल यूपी सरकार को शक है कि प्रदेश के कुछ विद्यालयों ने बोर्ड एग्जाम के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन करवाया था।जांच आदेश में कहा गया है कि जिन विद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ी है उन विद्यालयों की जांच की जाए।

सरकार जानना चाहती है कारण

डॉ.दिनेश शर्मा का कहना है कि सरकार यह जानना चाहती है कि क्या कारण हैं, जिससे इतनी संख्या में बच्चों ने एग्जाम छोड़ा. हालांकि परीक्षा के दौरान जब छात्रों के एग्जाम छोड़ने की बात आई तो सरकार के मंत्री और यूपी बोर्ड इसे नकल के खिलाफ सख्ती से जोड़कर देख रहे थे।इससे पहले यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने माध्यमिक और उच्च शिक्षा की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी. बोर्ड परीक्षा के सफलतम निपटने पर अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार इसी व्यवस्था को आगे भी जारी रखेगी.

लापरवाही पर शिक्षकों का कटेगा वेतन

यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही करने वाले शिक्षकों का वेतन कटेगा। 17 मार्च से शुरू हो रहे मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों के मोबाइल लाने पर भी रोक लगा दी गई है। मूल्यांकन शुरू होने के बाद केंद्र का मेन गेट भी बंद कर दिया जाएगा। जिसके बाद यहां पर किसी के आने- जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। वहीं मूल्यांकन में लगे सभी शिक्षकों को हर हाल में 17 मार्च को सुबह दस बजे तक निर्धारित सेंटर्स पर अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश जारी किया गया है।

मूल्यांकन केंद्र पर लगेगा सीसीटीवी

राजधानी में मूल्यांकन के दौरान सीसीटीवी रिकार्डिग भी कराई जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी की होगी।राजधानी में इस बार मूल्यांकन के लिए पांच केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर मूल्यांकन के लिए 3989 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 393 डिप्टी हेड एग्जामनर (डीएचई) तैनात किये गये हैं। जिनकी निगरानी में मूल्यांकन कार्य पूरा होना है। मूल्यांकन के दौरान एक परीक्षक को पूरे दिन में हाईस्कूल की 40 और इंटरमीडिएट की 50 कॉपियों का मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। सभी केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक करना अनिवार्य होगा।


छात्रों ने हार्ड मार्किंग न करने के लिए साइन की पेटिशन

सीबीएसई के बारहवीं के छात्र ने सोशल मीडिया के जरिए एक पेटिशन साइन कर रहे हैं जिसमें कहा गया है कि इस बार का फिजिक्स का पेपर कठिन था इसलिए मार्किंग आसान हो। छात्रों का ये भी कहना है कि फिजिक्स की परीक्षा के लिए उन्हें केवल एक दिन का ऑफ मिला था जो कि फिजिक्स जैसे कठिन सब्जेक्ट के लिए कम है। बता दें कि 5 मार्च को सीबीएसई का इंग्लिश का पेपर था तो वहीं 7 मार्च को फिजिक्स का पेपर था। अब तक 7,400 छात्र ऑनलाइन ये पेटिशन साइन कर चुके हैं।

 

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