सीएम योगी से भक्तों-पुजारियों की गुहार, अब मंदिर के द्वार खोलो सरकार

- भगवान के दर्शन के बिना अब दिन काटना मुश्किल
- पुजारियों को उम्मीद 1 जून से खुल जाएंगे कपाट
- सभी मंदिरों में अपने स्तर से दर्शन की तैयारियां शुरू

By: Hariom Dwivedi

Published: 27 May 2020, 05:46 PM IST

पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट
लखनऊ. लॉकडाउन-4 के पूरा होने में अब सिर्फ 4 दिन ही बाकी हैं। इस दौरान बाजार,आफिस और शापिंग कांप्लेक्स तक खुल चुके हैं। लेकिन मंदिरों के कपाट अभी बंद हैं। ऐसे में भगवान के दर्शन न होने से भक्तों और साधु-संतों में बेसब्री बढ़ती जा रही है। रामजन्मभूमि अयोध्या, कृष्णजन्मभूमि मथुरा, शिवनगरी काशी और तीन नदियों के संगम प्रयागराज के अलावा जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के भी धार्मिक स्थल के कपाट बंद हैं। ऐसे में यूपी के प्रमुख मंदिरों के साधु-संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मंदिरों के द्वार खोले जाएं। पुजारियों ने आश्वस्त किया है कि मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाएगा। कर्नाटक में एक जून से मंदिरों के कपाट खुलने की खबर के बाद यूपी के साधु—संतों और मंहतों को उम्मीद है यहां भी योगी आदित्यनाथ मंदिरों के कपाट एक जून से खोल देगें। आइए जानते हैं काशी,मथुरा,प्रयाग और अयोध्या के मंदिरों में कैसी हैं तैयारियां-

रामजन्मभूमि जैसी व्यवस्था हर मंदिर में संभव
मंदिरों की नगरी अयोध्या में कनक भवन, हनुमानगढ़ी, श्रीरामजन्मभूमि, नागेश्वरनाथ, मणिराम दास छावनी, जानकी महल, राम हर्षण कुंज, श्रीरामवल्लभा कुंज, छोटी देवकाली, धीरेश्वर नाथ महादेव मंदिर, जानकी घाट बड़ा स्थान, दशरथ महल जैसे कई मंदिर हैं। यहां के साधु—संतों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शनार्थियों के लिए दर्शन पूजन की मांग की है। रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा है कि राम जन्मभूमि परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन की व्यवस्था है। ऐसा अन्य मंदिरों में भी हो सकता है। हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास ने कहा है-सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूजन अर्चन की अनुमति जिला प्रशासन को देनी चाहिए। इसकी हम पूरी जिम्मेदारी लेंगे।

काशी विद्वत परिषद ने जतायी सहमति
64 दिनों से काशी विश्वनाथ मंदिर में आम भक्तों का प्रवेश बंद है। गंगा की लहरों पर पर्यटकों का रेला गायब है। संकटमोचन हनुमान समेत दुर्गाकुंड के दर्शन भी नहीं हो रहे। धर्म,दान, पुण्य सब पर विराम लगा है। काशी अन्नपूर्णा मठ मन्दिर व अन्नक्षेत्र क्षेत्र से जुड़े संत श्याम माधव ने कहा है कि भक्तों का कष्ट दूर करने के लिए मंदिरों के कपाट अब जल्द खुलने चाहिए। काशी विद्वत परिषद ने काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, दुर्गा मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, कालभैरव, जगन्नाथ मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर सहमति जताई है। काशी विश्वनाथ मन्दिर के कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह का कहना है काशी विश्वनाथ मंदिर में अभी अर्चक पूजा पाठ कर रहे हैं। अन्य जगह यह व्यवस्था हो सकती है।

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संगम नगरी में गाइडलान का होगा पालन
संगम नगरी में प्रयागराज में विश्व प्रसिद्द बड़े हनुमान मंदिर, बेनी माधव मंदिर, मनकामेश्वर धाम, पांडेश्वर धाम और अलोप शंकरी मंदिर को बंद हुए दो महीने से ज्यादा वक्त बीत गया है। बड़े हनुमान मंदिर के छोटे महंत योग गुरु स्वामी आनंदगिरी कहते हैं मंदिर से जुड़े परिवार भी चढ़ावा न आने से अब संकट में आ गए हैं। इसलिए सरकार को मंदिरों को खोलने के लिए गाइडलाइन जारी करनी चाहिए। ताकि भक्त अपनी फरियाद भगवान से कर सकें। और उन्हें मानसिक शांति मिले। महंत और पुजारी नई गाइड लाइन के पालन को तैयार हैं।

कृष्ण नगरी में शुरू हो गयीं तैयारियां
भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा और श्री बांकेबिहारी मंदिर को प्रशासन की अनुमति का इंतजार है। मंदिर प्रशासकों ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के विशेष अधिकारी विजय बहादुर सिंह कहते हैं सैनिटाइजर से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग तक का प्रबंध हो चुका है। बिना मास्क किसी को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। बस इंतजार है शासन के आदेश का। अब बिना भगवान के दर्शन के दिन बीतना मुश्किल हो रहा है।

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