अवैध शराब कारोबार के खिलाफ यूपी पुलिस करने जा रही बड़ी कार्रवाई, जहरीली शराब से आजमगढ़ में हो चुकी है 26 की मौत

आजमगढ़ में जहरीली शराब (Poisonous Liquor) पीने से 26 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद यूपी पुलिस अवैध शराब कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करने जा रही है।

लखनऊ. जहरीली शराब से आजमगढ़ में 26 की मौत लोगों की मौत से पुलिस व प्रशासन सवालियां निशान लग गया है। जिला प्रशासन ने फिलहाल 12 लोगों की मौत की आधिकारिक घोषणा की है। लेकिन रविवार को नौ और लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस विभाग पर खड़े हो रहे सवालों को देखते हुए डीजीपी सुलखान सिंह ने अवैध शराब के निर्माण व व्यापार के संबंध में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
- डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि जनपदों में नियुक्त उप निरीक्षक व आरक्षी को उनकी बीट में इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों और स्थानों के संबंध में चिन्हीकरण कर उत्तरदायी बनाया जाए। सभी क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्र में थानाध्यक्षों द्वारा अवैध शराब की बिक्री के संबंध में की गई कार्यवाही की समीक्षा कराए। इस दिशा में अच्छे कार्य करने वाले आरक्षियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्राधिकारी की संस्तुति पर हर महीने पुरस्कृत भी किया जाय।
- जनपदों में सभी क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्र में अवैध शराब के विरूद्व अभियान चलाने के लिये नोडल अधिकारी होगें।
- अवैध शराब का व्यापार करने वाले व्यक्तियों के विरूद्व गैंगस्टर, गुण्डा व हिस्ट्रीशीट खोल कर उनके विरूद्व कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
- अवैध शराब निष्कर्षण व बिक्री एक संगठित अपराध है। इस कार्य में प्रत्यक्ष अथवा परोक्षतः संलिप्त पाए जाने पर अवैध शराब के व्यापार में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्व पर्याप्त साक्ष्य संकलित कर उनके विरूद्व गिरोहबन्द अधिनियम के अन्र्तगत कार्यवाही किया जाए।
- अवैध शराब के व्यापार से अर्जित चल-अचल सम्पत्ति की जब्तीकरण की कार्यवाही गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अन्र्तगत की जाए।
- जनपद स्तर पर हर महीने होने वाली अपराध गोष्ठी में जिला आबकारी अधिकारी को भी आमंत्रित किया जाए। साथ ही उन से भी विस्तार से चर्चा कर अवैध मदिरा के रोकथाम हेतु संयुक्त टीम गठित कर आवश्यक कार्यवाही कराए।
- अवैध शराब के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्व आबकारी अधिनियम की धारा 60 के अर्न्तगत आईपीसी की धारा 272 की प्रयोग किया जाए, ताकि ऐसे अपराधों में लिप्त अपराधियों की शीघ्रता से जमानत न हो सके।
- अवैध शराब की तस्करी में पकड़े गये वाहनों के विरूद्व आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 72 एवं 73 के अनुसार वाहन को सीज करने की कार्यवाही की जाए।
- संवेदनशील स्थानों व मार्गो पर स्थापित ढाबों पर अवैध शराब की खरीद-बिक्री रोकने हेतु समय-समय पर आकस्मिक चेकिंग करायी जाए।
- यदि किसी पुलिसकर्मी की अवैध शराब के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों से साठ-गाठ हो तो उनके विरूद्व कठोरतम कार्यवाही की जाए।
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Dhirendra Singh
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