डायबिटीज़ का होगा शर्तिया इलाज, नहीं रहेगा अब साइलेंट किलर

आर्टिफिशियल सेल्स प्राकृतिक बीटा सेल्स की तरह ही काम करेंगी।

लखनऊ. हर साल डायबिटीज से लाखों लोगों की जान जाती है। अब मौतें न हों इसके लिए वैज्ञानिकों ने इसका हल निकाल लिया है। वैज्ञानिकों ने लैब में इंसुलिन की ऐसी कोशिकाओं का निर्माण किया है जो डायबिटीज को दूर करने में मददगार होंगी। शरीर में मौजूद पैंक्रियाज से निकलने वाले इंसुलिन हार्मोन की कमी की वजह से डायबिटीज होती है। इससे शरीर में बढ़ने वाली शुगर को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक तरकीब खोज निकाली है।

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कृत्रिम कोशिकाओं का किया निर्माण

लखनऊ में आईआईटीआर और सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने बताया कि अमेरिका समेत कई अन्य देशों में चल रहे शोध के बाद एक ऐसे आर्टिफिशियल सेल्स (कृत्रिम कोशिकाओं) का निर्माण किया है, जो शरीर में शुगर की मात्र को नियंत्रित करने का काम करेंगी। ये आर्टिफिशियल सेल्स प्राकृतिक बीटा सेल्स की तरह ही काम करेंगी।

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चूहे पर किया गया प्रयोग

वैज्ञानकों ने सबसे पहले डायबिटीज से ग्रसित एक चूहे के शरीर में इस कृत्रिम कोशिका को डाला। जिसके परिणाम स्वरुप चूहे के रक्त में बढ़ा हुआ शुगर लेवल अपने आप नियंत्रित होने लगा और अगले पांच दिनों तक उसके शरीर में डायबिटीज की मात्र को नियंत्रित किया गया।

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प्रोटीन से बनाई गई कृत्रिम कोशिका

इस कृत्रिम कोशिका को ह्यूमन मेड मैटीरियल्स और जैविक सामग्री जैसे प्रोटीन की मदद से तैयार किया गया है। इसे प्राकृतिक कोशिकाओं को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है। यह शरीर में रक्त शर्करा की बढ़ी हुई मात्र को नियंत्रित करने में कारगर है।

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आकांक्षा सिंह
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