यूपी में फंसे बाहरी राज्यों के मजदूरों के लिए खुशखबरी, यहीं मिलेगा रोजगार, सीएम योगी ने समिति का किया गठन

लॉकडाउन के कारण अपनी जीविका का साधन ढूंढ पाने में नाकामयाब मजदूरों को सीएम योगी ने सहारा दिया है।

By: Abhishek Gupta

Published: 19 Apr 2020, 04:01 PM IST

लखनऊ. लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों से आए मजदूरों को सीएम योगी ने रोजगार देने का फैसला किया है। सीएम योगी ने कोरोना वायरस के सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रविवार को समीक्षा बैठक की व पिछले 45 दिनों में देश के विभिन्न राज्यों से प्रदेश वापस पहुंचे 5 लाख से ज्यादा श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इससे मजदूरों की आजीविका पर किसी तरह का कोई असर नही पड़े।

क्या है योजना-
योगी सरकार ने तय किया है कि यूपी में फंसे बाहरी राज्यों के मजदूरों को अब महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार दिया जाएगा। प्रदेश के मुख्य सचिव (ग्रामीण विकास) मनोज सिंह ने बताया कि बाहर से आए कई युवा श्रमिक यूपी में फंसे हैं। उनके पास आने-जाने तक के पैसे नहीं है। ऐसे में यह तय किया गया है कि अब ऐसे युवा श्रमिकों को सरकार मनरेगा के तहत गांवों में रोजगार के साधन उपलब्ध करवाएगी। ऐसे श्रमिक वर्तमान में जहां पर हैं वहीं उनके जॉब कार्ड बनेंगे।

लोन मेला भी होंगे आयोजित-
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने रिवाल्विंग फण्ड में जो बढ़ोत्तरी की है, उससे महिला स्वयंसेवी समूहों को विभिन्न गतिविधियों जैसे सिलाई, अचार, मसाला बनाना इत्यादि के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए। प्रत्येक जनपद में इसको लेकर काम किया जाएगा। लॉक डाउन के कारण दिहाड़ी मजदूरों आदि के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। सरकार इसके प्रति अत्यन्त संवेदनशील है और इन्हें हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है। यह समिति ओ.डी.ओ.पी. के तहत रोजगार सृजन के साथ-साथ बैंक के माध्यम से लोन मेले आयोजित करना सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा रोजगार मेलों का भी आयोजन किया जाएगा ताकि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा सकें।

बनेंगे जॉब कार्य-
केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से गांवों में मनरेगा के तहत काम शुरू करने का आदेश दे दिया है। इससे गांवों में लोगों के पास धन आना शुरू हो जाएगा, जिससे उनकी दिनचर्या आसानी हो जाएगी। अगर किसी व्यक्ति का जॉब कार्ड खो गया है तो फिर उस व्यक्ति के परिवार के लिए नया जॉब कार्ड जारी होगा। ग्राम पंचायतों में आदिवासी समुदाय के अतिरिक्त विधवाओं व दिव्यांगों के भी कार्ड बनेंगे। प्रदेश में मनरेगा के अंतर्गत मिलने वाली मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर के 201 रुपये कर दिया गया है।

coronavirus
Abhishek Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned