राजकीय जुबली इंटर कालेज बनेगा माॅडल स्कूल, डिप्टी सीएम करेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

राजकीय माध्यमिक स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक राजकीय स्कूल को माॅडल स्कूल बनाया जाएगा

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Published: 04 Jan 2018, 08:50 PM IST

लखनऊ. प्रदेश सरकार ने राजकीय माध्यमिक स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदेश के हर जिले में किसी एक राजकीय स्कूल को माॅडल स्कूल बनाने का निर्णय लिया है। माॅडल स्कूल में पठन-पाठन हेतु समस्त आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी, जिससे आधुनिक शिक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जा सके तथा शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आ सके।

लखनऊ मे राजकीय जुबली इंटर कॉलेज को माॅडल स्कूल के रुप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने गुरुवार को देते हुए बताया कि राजकीय जुबिली इंटर कालेज में समस्त आधारभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाएगा साथ ही बंद पड़ी छोटी जुबिली कालेज एवं शिक्षक-प्रशिक्षण केन्द्र का जीर्णोद्धार कर पुनः शुरु कराया जाएगा। डॉ. शर्मा ने छोटी एवं बड़ी जुबिली के आसपास के अतिक्रमण हटाने, पार्कों के सौदर्यीकरण करने एवं सड़कों के सुधार हेतु नगर आयुक्त को निर्देश दिए है।

उप मुख्यमंत्री छह जनवरी को अपर मुख्य सचिव माध्यमिक व उच्च शिक्षा, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजकीय जुबिली इंटर कालेज एवं उसके आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। उप मुख्मंत्री ने बताया कि नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा पुलिस प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की देख-रेख में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर नकल रोकने के लिए विशेष निगरानी किए जाने की व्यवस्था की गई है। नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न कराने की तैयारियों के संबंध में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा कल अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के साथ सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों के साथ योजना भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे।

नूर जहां ऑडिटोरियम में ताज पर फिल्म- रीता बहुगुणा जोशी

प्रदेश की पर्यटन मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि आगरा में ताज के पास स्थित नूरजहां आडीटोरियम में पर्यटकों के लिए ताज पर निर्मित फिल्म प्रदर्शित करने के उनके प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया। पर्यटन मंत्री ने कहा कि नूरजहां आॅडीटोरियम को चलाने के लिए पीपीपी माॅडल पर निजी क्षेत्रों के सहयोग से विचार किया जा सकता है।

प्रस्तुत की गई फिल्म पर चर्चा करते हुए प्रो. जोशी ने अकबर खान से कहा कि पर्यटकों के लिए प्रेम के प्रतीक ताज के निर्माण की जानकारी देने वाली खूबसूरत फिल्म बनाई जाये तथा इसकी अवधि अधिकतम 60 मिनट ही हो, जिससे कम समय में ही पर्यटक अपने पर्यटन प्रवास का अधिकतम आनन्द प्राप्त कर सकें। उन्होंने हिन्दी के अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा में भी फिल्म की डबिंग करने को कहा। उन्होंने कहा नूरजहाँ आडीटोरियम को प्रारम्भ करना तथा उसमें पर्यटकों के लिए ताज निर्माण की प्रेमगाथा के इतिहास पर फिल्म चलाना एक सुन्दर प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव के लिए निजी क्षेत्रों से फंडिंग की सम्भावनाओं को देखा जाये। उन्होंने कहा पीपीपी माॅडल पर निर्माण हेतु ही इस प्रस्ताव पर आगे विचार किया जायेगा।

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