पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति के ठिकानों पर ईडी ने मारा छापा, बेटे के ऑफिस और ड्राइवर के घर पर भी रेड

- गायत्री प्रजापति (Gayatri pRajapati) के लखनऊ, अमेठी, कानपुर में ईडी की छापेमारी

- बेटे के ऑफिस और ड्राइवर के घर पर भी रेड

- बेटे की कंपनी ने लखनऊ में खरीदी करोड़ों की जमीन

By: Karishma Lalwani

Updated: 30 Dec 2020, 03:58 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. अखिलेश सरकार के शाषनकाल में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति (Gayatri Prasad Prajapati) के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों के आधार पर बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी की। ईडी की टीम ने लखनऊ, अमेठी और कानपुर में प्रजापति के ठिकानों पर छापेमारी की। गायत्री प्रजापति पर आय से छह गुना अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर राजकेश्वर सिंह ने कहा कि गायत्री प्रजापति के लखनऊ, कानपुर और अमेठी में सात ठिकानों पर ईडी की। बुधवार सुबह करीब पांच बजे जिला मुख्यालय पहुंची ईडी की टीम दोनों स्थानों पर रवाना हुई। सुबह सात बजे ईडी की टीम ने आवास विकास स्थित गायत्री प्रजापति के निजी आवास व चालक रामराज के घर में छापेमारी की। प्रयागराज से पहुंची ईडी की टीम ने दोनों स्थानों पर स्थानीय पुलिस टीम के साथ एक साथ छापा मारा। एक टीम में करीब आधा दर्जन ईडी के अधिकारी व कर्मचारी व स्थानीय पुलिस बल तैनात रहे। ईडी ने लखनऊ में विभूतिखंड में ओमेक्स में गायत्री के बेटे अनिल प्रजापति के आफिस में भी छापेमारी की।

ड्राइवर के पास 200 करोड़ की संपत्ति

आय से अधिक संपत्ति के मामले में गायत्री का बड़ा पुत्र अनिल भी जेल में बंद है। घर के अंदर ईडी की टीम ने सभी दस्तावेज खंगाल रही है। छापेमारी के दौरान घर के नौकर भी मौजूद रहे। चालक रामराज उर्फ छोटू के पास 200 करोड़ की प्रॉपर्टी होने का दावा किया गया है। इसके अलावा अवैध खनन से अर्जित धन से गायत्री प्रजापति ने महाराष्ट्र के पुणे में कई संपत्तियां खरीदीं। ईडी पुणे के रजिस्ट्री ऑफिस से इससे संबंधित दस्तावेज हासिल करेगी। इसके साथ ही शेल कंपनियों के साथ ट्रांजेक्शन के भी सबूत मिले हैं।

बेटे की कंपनी ने लखनऊ में खरीदी करोड़ों की जमीन

ईडी को गायत्री प्रजापति व उसके परिवार से जुड़ी 15 कंपनियों के सुराग मिले हैं। इनमें से 11 कंपनियां गायत्री के ही नाम पर हैं। शेष चार कंपनियां पत्नी व बेटे के नाम पर हैं। इसके साथ ही यह भी पता लगा है कि बेटे की कंपनी ने लखनऊ में बड़ी जमीन खरीदी है। लखनऊ में एमजे कॉलोनाइजर्स नामक कंपनी ने मोहनलालगंज में 110 बीघा जमीन खरीदी है। एक बीघे जमीन की कीमत करीब करोड़ है।

आय से छह गुना अधिक संपत्ति बनाने का आरोप

शासन से मंजूरी मिलने के बाद ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में गायत्री प्रजापति के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति होने का केस दर्ज किया कराया था। जांच में पता चला कि वर्ष 2012-17 के दौरान मंत्री रहते हुए प्रजापति ने आय से छह गुना अधिक संपत्तियां बनाईं। वैध स्रोतों से उनकी आय 50 लाख रुपये के करीब थी, जबकि उनके पास तीन करोड़ से अधिक की संपत्तियां मिलीं। जांच में 22 ऐसी बेनामी संपत्तियों की भी जानकारी मिली, जो इसी अवधि में प्रजापति के करीबियों के नाम पर खरीदी गईं। ये संपत्तियां करीबी रिश्तेदारों, निजी सहायकों और ड्राइवरों के नाम पर हैं।

आयकर रिटर्न और बैंक खातों की जानकारी खंगालेगी ईडी

इन संपत्तियों के दस्तावेजों और संपत्तियों जिनके नाम खरीदी गई है अब उनसे पूछताछ होनी है। यह जानकारी मांगी जाएगी कि उन्होंने उनके पास संपत्तियां खरीदने के लिए धन किन स्रोतों से आया? उनसे आयकर रिटर्न और बैंक खातों के संबंध में भी जानकारी ली जाएगी। ऐसी ज्यादातर संपत्तियां भवन, भूखंड और फ्लैट के रूप में है।

गौरतलब है कि खनन घोटाले में ईडी ने अगस्त 2019 में सीबीआई की एफआईआर को आधार बनाकर पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद व बी.चंद्रकला (B.Chandrakala) समेत पांच आइएएस अधिकारियों के विरुद्ध प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। ईडी इस मामले में प्रजापति व उनके दोनों बेटों समेत कई लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। सीबीआई व ईडी पूर्व मंत्री से लंबी पूछताछ कर चुकी है।

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