कोरोना से मौत के बाद शव दफनाने को लेकर ईदगाह के इमाम ने जारी किया फतवा

ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने विरोध कर रहे लोगों को डब्लूएचओ की गाइडलाइन पढ़ने की दी नसीहत

By: Hariom Dwivedi

Published: 18 Apr 2020, 12:58 PM IST

लखनऊ. कोरोनावायरस से संक्रमित किसी मुसलमान की मौत के बाद उसके शव को दफनाने को लेकर लखनऊ के ऐशाबाग स्थित ईदगाह के इमाम ने फतवा जारी किया है। ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि कोरोना से मौत पर भी पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार डॉक्टरों की गाइडलाइन के हिसाब से किया जाएगा। डॉक्टरों की टीम जिस तरह से कब्रिस्तान में शव को दफन करने की इजाजत दे, वैसा ही करें। नासमझी में कोई भी गलत कदम नहीं उठाएं।

मौलाना ने कहा कि लोग डब्लूएचओ की गाइडलाइन पढ़ें, जिसमें कहा गया है कि किसी की मृत्यु के बाद उसके शरीर में सारे वायरस खत्म हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोग नासमझी में शव को कब्रिस्तान में दफन नहीं होने दे रहे। गाइडलाइन कहती है कि शरीर को प्लास्टिक के कवर में रखकर उसे दफनाया जाए। उन्होंने कहा कि संक्रमित की मौत के बाद अस्पताल से शव को पैकेट में बंद करके लाया जाता है। उसे न खोला जाए और ऊपर से ही शव को अंतिम स्नान कराया जाए।

कहा- बेहद अफसोसजनक
मौलाना महली ने कहा कि लखनऊ के रहने वाले शख्स का कोरोनावायरस की वजह से इंतकाल होना अफसोसनाक है, लेकिन उससे भी ज्यादा अफसोस इस बात का है कि गलतफहमियों के कारण लोग शव को दफनाने से मना कर रहे हैं। फरंगी महली ने यह फतवा उस घटना के बाद आया जब लखनऊ में कोरोना से हुई पहली मौत के बाद बुजुर्ग के शव को ऐशबाग के कब्रगाह में दफन नहीं करने दिया गया। स्थानीय लोगों ने दफनाने का विरोध किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे दूसरे कब्रगाह में दफन करवाया।

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