चाय पर चर्चा: बुलंद हौसलों की उड़ान,कूड़ा मऊ गांव बना सुंदर नगर

हौसलों को पंख लगे और उन्होंने इस कार्य को अंजाम तक पहुंचा दिया है।

By: Ritesh Singh

Published: 05 Feb 2021, 07:48 PM IST

लखनऊ, जब हौसला बना लिया ऊंची उड़ान का।
फिर देखना फिजूल है कद आसमान का।।
डरना नहीं यहां तू किसी भी चुनौती से।
बस तू ही सिकंदर है सारे जहान का।।

उक्त पंक्तियां कवि देवेंद्र शर्मा देव की हैं जिनको आज चरितार्थ होते हुए देखा फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर के कार्यक्रम चाय पर चर्चा में। जो कि आज यहां गोमती नगर के शिरोज रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम फिक्की फ्लो लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश की आम महिलाओं द्वारा प्रदर्शित असाधारण साहस और दृष्टि की कहानियों को उजागर करने के उद्देश्य के साथ आयोजित वार्ता की श्रृंखला का हिस्सा थी।इस सत्र में लखनऊ के निकट गोसाईगंज के कूड़ामऊ गांव की युवा किशोरियों द्वारा अपने गांव का नाम बदलने की कहानी है क्योंकि उन्होंने न केवल अपने जीवन को बल्कि अपने समुदाय के लोगों के जीवन को बदलने के लिए अथक प्रयास किया है। इन तरुण किशोरियों की टोली जो कि अपने गांव

कूड़ामऊ के नाम से शर्मिंदा थीं ने अपने गाँव का नाम बदलने के लिए एक आंदोलन शुरू किया। जल्द ही इन लड़कियों को स्थानीय लोगों और अधिकारियों का समर्थन मिला और इनके सामाजिक आंदोलन ने गति पकड़ ली।आज इन लड़कियों के मेहनती प्रयासों के कारण, कूड़ामऊ गाँव को अब सुंदरनगर के नाम से जाना जाता है। इस सत्र में इनमें से 8 लड़कियों ने अपनी परिवर्तनकारी यात्रा को उपस्थित लोगों के साथ साझा किया।

अपनी कहानी को साझा करते हुए टीम लक्ष्य की मुखिया अंजलि रावत ने बताया कि जब उन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा पास की और इंटर करने के लिए उन्हें गांव से दूर गोसाईगंज में जाना पड़ा तो वहां पर जब पता लिखने की बारी आती थी तो कूड़ा मऊ लिखना बहुत ही खराब लगता था और साथ ही लोग उसका मजाक भी उड़ाते थे यही मूल कारण था कि उन्होंने यह फैसला किया कि अब मुझे अपने गांव का नाम बदलना है इस कार्य में उनका साथ देने वाली लड़कियों में अंजनी, सुषमा, कामिनी, वंदना, मनीषा, नीलम और चांदनी मुख्य रूप से रही है। उनका हौसला उनकी मां मीरा रावत जो कि एक शिक्षिका है ने बढ़ाया उनकी प्रेरणा और समर्थन से इस टीम लक्ष्य के हौसलों को पंख लगे और उन्होंने इस कार्य को अंजाम तक पहुंचा दिया है।

अंजनी ने बताया कि शुरुआत में हम लोगों ने अपने जेब खर्च से पैसे बचा कर पेंट और ब्रश खरीदें और सबसे पहले अपने घरों की दीवारों पर स्लोगन लिखे धीरे धीरे गांव के लोगों और पंचायत का भी समर्थन मिलने लगा फिर हमने अपनी मांग को लेकर एक पत्र जिलाधिकारी को लिखा जिसे स्वयं जिलाधिकारी ने गांव में आकर लिया और उनके काम की तारीफ की यही वह क्षण था जब लगा कि हम अपने कार्य को मूर्त रूप दे सकते हैं आज स्थिति यह है कूड़ामऊ सुंदर नगर बन चुका है जिस को सुंदर बनाने में प्रधान और स्थानीय नागरिकों का सहयोग ले वहां की साफ सफाई और वृक्षारोपण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की चेयर पर्सन पूजा गर्ग ने बताया कि महिलाओं को अपनी प्रतिभा, कौशल, अनुभव और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उर्जा के प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फिक्की फ्लो कार्यक्रम आयोजित करता रहता है और यह कार्यक्रम उसी कड़ी का एक हिस्सा है महिलाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें सहायता प्रदान करना हमारा मूल उद्देश्य है।

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