शेरों को बचाने के लिए Akhilesh yadav ने लिया तंत्र-मंत्र का सहारा

शेरों को बचाने के लिए Akhilesh yadav ने लिया तंत्र-मंत्र का सहारा

उत्तर प्रदेश वन विभाग के इस अंधविश्वासी रवैये पर वन्य जीव विशेषज्ञों ने कहा कि सफारी में बीमारी का इलाज करें न की हवन करें।

लखनऊ. सीएम अखिलेश यादव इन दिनों ड्रीम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। आठ शेरों की मौत के बाद अब आला-अफसरों ने सीएम को तंत्र-मंत्र के जरिए लॉयन सफारी में आई बला को टालने का सुझाव दिया। सफारी में तांत्रिकों और पंडितों ने पूजा पाठ, हवन भी करवा दिया गया है। उत्तर प्रदेश वन विभाग के इस अंधविश्वासी रवैये पर वन्य जीव विशेषज्ञों ने कहा कि सफारी में बीमारी का इलाज करें न की हवन करें।

इटावा में स्वामी दिनेशानंद जी महाराज ने सफारी की बुरी बालाओं को टालने के लिए हवन किया। स्वामी जी ने मंत्रोच्चार के साथ सफारी पर लगी बुरी नजर को दूर करने के लिए प्रार्थना की। इतना ही नहीं, सूत्रों ने बताया की सफारी में देश के जाने-माने तांत्रिकों को भी बुलाया जाएगा। इसके लिए कोलकाता और बनारस में तांत्रिकों से बाद की गई है।

वन विभाग क्यों हो गया अंधविश्वासी

वन्यजीव विशेषज्ञ कौशलेन्द्र सिंह ने बताया कि वन विभाग इस तरह से काम कर रहा है, ये उम्मीद से परे है। विभाग को सफारी में ब्रीडिंग सेंटर में शेरों के रख-रखाव और उनकी दवाओं पर ध्यान देने की जरुरत है, न की तंत्र-मंत्र का सहारा लें। इंग्लैण्ड के डॉक्टर सफारी के शेरों को देख रहे हैं, जबकि बरेली के आईवीआरआई में बेहतरीन वेटनरी डॉक्टर हैं। फिर उनसे शेरों का ट्रीटमेंट क्यों नहीं करवाया जा रहा? यह बड़ा सवाल है। उन्होंने वन्य जीव संरक्षक उत्तर प्रदेश रूपक डे पर आरोप लगाया है कि वह केवल सीएम को इस तरह से बेवकूफ बना रहे हैं।
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