UP में एक व्यक्ति को 750 ML से अधिक नहीं मिलेगी शराब, आबकारी विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन

अकेले राजधानी लखनऊ में 6.5 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री हुई

आबकारी विभाग ने एक व्यक्ति को केवल 750 ML से अधिक शराब न देने का फैसला किया है।

 

By: Neeraj Patel

Updated: 06 May 2020, 12:21 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। जिससे लोगों के कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाई जा सके। इसके साथ ही सरकार द्वारा लॉकडाउन 3.0 में कुछ सशर्त ढील भी दी गई है। इसमें सरकार ने शराब की बिक्री की भी अनुमति दे दी है। जिससे सोमवार 4 मई से ही शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। दो दिन में ही सैकड़ों करोड़ की शराब की बिक्री हो गई है। शराब की अंधाधुंध बिक्री को देखते हुए उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग ने एक व्यक्ति को केवल 750 ML से अधिक शराब न देने का फैसला किया है। 40 दिन के लॉकडाउन के बाद 4 मई को जब शराब की दुकानें खुली तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शराब के शौकीनों के दिमाग में शराब की बोतल ही नाचती नजर आई। एक दिन में ही कम से कम 100 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री हुई। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब तक अनुमानित 300 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री हुई। अकेले राजधानी लखनऊ में 6.5 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री हुई जबकि दर्जन भर जिले ऐसे रहे जहां पांच करोड़ रुपए या उसके आस पास शराब की बिकी हुई है।

उत्तर प्रदेश के अलावा 4 मई को कर्नाटक ने शराब की दुकानें खोलकर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। राज्य के राजस्व विभाग (Revenue Department) ने एक दिन में 45 करोड़ रुपए की कमाई की है। राज्य में 1,500 से अधिक शराब की दुकानें खोली गई। इसमें तकरीबन 3.9 लाख लीटर बीयर और 8 लाख लीटर Indian Made Foreign Liquor की बिक्री हुई है। अभी तक राज्य में तकरीबन प्रत्येक दिन 65 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री होती थी, लेकिन 4 मई को सारे कमाई के रिकॉर्ड टूट गए।

वहीं दिल्ली में भी 5 मई से शराब की कीमतों में 70 फीसदी का टैक्स लगा दिया गया है। यानी 1000 रुपए की शराब की बोतल अब 1700 रुपए में बिक रही है। सरकार ने 70 फीसदी स्पेशल कोरोना फीस लगाई है। शराब के दाम बढ़ाने के बावजूद दुकानों में लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। टैक्स बढ़ाने से सरकार की कमाई बढ़ने का अनुमान जातया जा रहा है। ताकि कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते आर्थिक नुकसान की भरपाई पूरी की जा सके। यहां तक कि आंध्र प्रदेश सरकार ने भी शराब की कीमतों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसके पहले 25 फीसदी दाम बढ़ाए थे। कुल मिलाकर 75 फीसदी दाम बढ़ गए हैं।

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इसके आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार भी अपने सरकारी खजाने को भरने के लिए शराब तक टैक्स की दर बढ़ा सकती है। क्योंकि अकेले उत्तर प्रदेश से ही सरकार कई सैकड़ा करोड़ रुपए की कमाई कर सकती है। वो भी इसलिए कि कई राज्यों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार सरकार का खजाना भी जल्दी भर जाएगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब पर टैक्स बढ़ाने को लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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