अब तुरंत पकड़ में आएंगे यूपी के सारे फर्जी शिक्षक, तैयार हुआ ये बड़ा एक्शन प्लान, आदेश जारी

फर्जी आधार कार्ड (Fake Aadhar Card) लगाकर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya) में नौकरी करने वाले टीचरों (Fake Teachers) पर अब शिकंजा कसता जा रहा है।

लखनऊ. फर्जी आधार कार्ड लगाकर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya) में नौकरी करने वाले टीचरों पर अब शिकंजा कसता जा रहा है। इसी क्रम में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय अब आधार कार्ड सिर्फ देखा ही नहीं जाएगा बल्कि उसी समय यूीआईडीएआई (UIDAI Website) की वेबसाइट पर आधार नंबर डालकर इसका मिलान भी किया जाएगा। ऐसे में मौके पर ही फर्जी आधार कार्ड (Fake Aadhar Card) की पकड़ हो जाएगी। दरअसल केजीबीवी में अनामिका प्रकरण के बाद पूरे प्रदेश में शिक्षकों के मूल अभिलेखों की जांच की जा रही है। प्रदेश में 746 केजीबीवी हैं और इनमें लगभग 5 हजार शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में अब प्रदेश में फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर भी शिकंजा कसेगा।

 

 

शिक्षकों का होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

आपको बता दें कि 26 जून तक केजीबीवी में नौकरी कर रहे शिक्षकों के दूसरे प्रमाणपत्रों के वेरिफिकेशन के साथ यह जांच भी पूरी होगी। इसके लिए प्रदेश के सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए रोस्टर बनाना है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय 5 से ज्यादा शिक्षकों को नहीं बुलाया जाएगा। इसको लेकर महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद (Vijay Kiran Anand) ने आदेश जारी कर दिया है। हालांकि केजीबीवी (KGBV) में 2010 में ही आधार व पैन कार्ड का ब्यौरा लिया गया था लेकिन सत्यापन में लापरवाही के कारण 100 फीसदी सही ब्यौरे विभाग के पास नहीं है।

 

 

ऐसे होगा आधार चेक

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय वेबसाइट पर जाकर अधिकारियों को मॉस्क्ड आधार का विकल्प चुनना होगा और फिर फोन पर आए ओटीपी के आधार कार्ड डाउनलोड होगा। मास्क्ड आधार में आखिरी चार संख्याएं ही दिखती हैं, पहली आठ संख्याएं इसमें गायब रहती हैं। इसका इस्तेमाल केवाईसी में किया जाता है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके। ओटीपी शिक्षक के फोन पर ही आएगा इसलिए मौके पर शिक्षक को वही फोन नंबर लेकर आना होगा जिससे आधार पंजीकृत किया गया था।

 

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नितिन श्रीवास्तव
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