कूड़े से रोजगार

फिक्की फ्लो उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है

 

By: Anil Ankur

Published: 10 Feb 2018, 12:13 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार व स्वावलम्बन के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जनपद में एक या उससे अधिक विशिष्ट उत्पाद मौजूद है, जिसे लगातार विकसित और परिष्कृत कर, उसमें सुधार का तथा इन उत्पादों की मैपिंग कर इनका एक अच्छा बाजार विकसित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां अवध शिल्प ग्राम में फिक्की लेडीज़ आॅर्गेनाइजेशन के लखनऊ-कानपुर चैप्टर द्वारा पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित श्थ्स्व् प्ॅ।।थ्.18श् (इण्डियन विमेन आर्टिज़न्स अवध फेस्टिवल-2018) में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश असीमित सम्भावनाओं वाला प्रदेश है। यहां के प्रत्येक जनपद में कोई न कोई सम्भावना मौजूद है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अवध शिल्प ग्राम प्रभावी प्लेटफाॅर्म है। इस कार्यक्रम में शिरकत करने से पूर्व, अपनी लखीमपुर यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लखीमपुर में थारू वर्ग की महिलाओं ने जूट का प्रयोग करते हुए आकर्षक और उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया। ऐसे विशिष्ट उत्पादों को यदि बाजार मिल जाए, तो इन उत्पादों के निर्माण से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक दशा में काफी सुधार हो सकता है।
योगी ने कहा कि थारू महिलाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से उन्हें ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना से जोड़ते हुए अवध शिल्प ग्राम में जगह दी गयी है। ऐसे प्रयास उनके कौशल प्रदर्शन के प्रभावशाली मन्च साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिक्की फ्लो उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है। रेडीमेड गारमेण्ट के अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में थाईलैण्ड और बंग्लादेश के आधिपत्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य में इन देशों की महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस माॅडल को उत्तर प्रदेश में लागू करने की आवश्यकता है। इसके लिए महिला स्वयंसेवी समूह बनाने होंगे, जो अपने-अपने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों के निर्माण में उत्कृष्टता लाते हुए, उन्हें बाजार में हाथोंहाथ बिकने के काबिल बना सकें। यह महिला स्वयंसेवी समूह परम्परागत उत्पादों को बढ़ावा देंगे, तो उन्हें काफी लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा चलाये गये स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यद्यपि पूरे देश को स्वच्छ बनाते हुए लोगों का स्वास्थ्य सुधारने का है, तथापि कूड़े की भी उपयोगिता है। कूड़े के सही प्रबन्धन से रोजगार ? के अवसर सृजित किये जा सकते हैं। कूड़े को कूड़ा न समझते हुए इसका सही ढंग से शोधन करते हुए इसमें से कागज, लोहा इत्यादि जैसी वस्तुओं को अलग कर इनसे रिसाइक्लिंग के माध्यम से नये उत्पाद बनाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में कूड़ा ATM स्थापित की गयी है, जिसमें कूड़ा डालने के एवज़ में पैसे मिलते हैं। अर्थात कूड़े से भी रोजगार और धन कमाने के अवसर पैदा किये जा सकते हैं। पूजा या सजावट में इस्तेमाल होने वाले फूलों का उपयोग इत्र बनाने में किया जा सकता है।
योगी ने कहा कि राज्य सरकार व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से प्रदेश के 60 हजार गांवों में स्टार्टअप स्थापित करने की दिशा में काम करेगी, इससे महिलाओं को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन स्टार्टअप के स्थापित होने के उपरान्त रोजगार के बड़े अवसर सृजित होने की सम्भावना है।

Anil Ankur Desk/Reporting
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