फिल्म पद्मावती को लेकर लखनऊ में करणी सेना संरक्षक का बड़ा बयान

फिल्म पद्मावती को लेकर लखनऊ में करणी सेना संरक्षक का बड़ा बयान

| Updated: 16 Nov 2017, 04:05:11 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

फिल्म पद्मावती का यूपी में रिलीज होना मुश्किल लग रहा है। गुरुवार को राजपूत करणी सेना संरक्षक लोकेंद्र सिंह ने इस फिल्म का विरोध जताया।

लखनऊ. फिल्म पद्मावती का यूपी में रिलीज होना मुश्किल लग रहा है। गुरुवार को राजपूत करणी सेना के प्रधान संरक्षक लोकेंद्र सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस फिल्म का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ये फिल्म किसी भी कीमत पर रिलीज नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ‌फिल्म के विरोध में एक दिसंबर को डीएम और सिनेमाघर मालिकों को खून से लिखा पत्र दिया जाएगा। सिंह ने कहा कि 200 करोड़ की ये फिल्म नोटबंदी के 14 दिन पहले ये फिल्म शुरू हुई थी। आखिरकार कैसे ये फिल्म नोटबंदी के दौरान शूट हुई।

दाउद का पैसा लगा होने का आरोप

राजपूत करणी सेना के प्रधान संरक्षक लोकेंद्र सिंह ने कहा कि इस फिल्म में दाउद का पैसा लगा है। यही कारण है कि नोटबंदी के दौरान भी इतनी महंगी फिल्म बन गई।उन्होंने कहा कि ये राजपूत का नहीं, स्त्री की अस्मिता का सवाल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी सिनेमा हाल यह फिल्म लगाएंगे वो बंद करा दिए जाएंगे। सेंसर बोर्ड के पास ऐतिहासिक तथ्यों का विश्लेषण करने का अधिकार नहीं है।

हम भी हिंसा नहीं चाहते

राजपूत करणी सेना के प्रधान संरक्षक लोकेंद्र सिंह ने कहा अहिंसा बहुत जरुरी है हिंसा तो मज़बूरी है.बन्दुक और तलवार से हमारे बच्चे नहीं रुके तो क्या ऐसी बातों से रुकेंगे। राजपूत और स्त्री अस्मिता का सवाल हैजोधा अकबर के बाद ये दूसरी फिल्म है जिसपर हमें ऐतराज है। राजस्थान में भी हमें नोटिस मिला था।

सरकार ने फिल्म की रिलीज टालने के लिए लिखा पत्र

सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा है कि राज्‍य में स्‍थानीय निकाय चुनाव तथा बारावफात को देखते हुए आगामी एक दिसम्­बर को इस फिल्‍म का रिलीज होना शांति व्‍यवस्‍था के हित में नहीं होगा। राज्‍य सरकार के एक प्रवक्‍ता के अनुसार गृह विभाग ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव को खत लिखकर बताया है कि पद्मावती फिल्‍म की कथावस्तु एवं ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किये जाने को लेकर व्याप्त जनाक्रोश एवं इसके सार्वजनिक चित्रण से शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। विभिन्‍न संगठन फिल्‍म के प्रर्दिशत होने पर सिनेमाघरों में तोड़फोड़, आगजनी की चेतावनी दे रहे हैं। ऐसे में मंत्रालय से अनुरोध है कि वह इस बारे में सेंसर बोर्ड को बताए, जिससे फिल्‍म के प्रमाणन पर निर्णय लेते समय बोर्ड के सदस्य जनभावनाओं को जानते हुए विधि अनुसार निर्णय ले सकें।

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