इन 24 नेताओं के सहारे बीजेपी ने दोहराया करिश्मा, नरेंद्र मोदी दे सकते हैं बड़ा ईनाम

इन 24 नेताओं के सहारे बीजेपी ने दोहराया करिश्मा, नरेंद्र मोदी दे सकते हैं बड़ा ईनाम

Nitin Srivastva | Updated: 26 May 2019, 12:13:32 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- यूपी से पहली बार लोकसभा पहुंचे 35 सांसद
- भाजपा के 24, बसपा के 8 और सपा के 2 नए चेहरे
- यूपी से सबसे ज्याद 6 मुस्लिम सांसद भी पहुंचे

- केंद्र सरकार में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ. 17वीं लोकसभा के परिणाम में भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता मिली। 2014 में मोदी की लहर के बीच भाजपा ने उत्तर प्रदेश में जो करिश्मा किया, उसी राह पर भाजपा ने इस बार भी अपना परचम लहराया। भाजपा ने 80 में से 62 जीतीं। इनके साथ में गठबंधन करने वाली अपना दल (एस) ने भी दो सीट अपने नाम कर ली। कांग्रेस भले ही एक सीट पर जीत दर्ज कर सकी, लेकिन इसने गठबंधन को काफी नुकसान पहुंचाया। आठ सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस के चलते महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा है। आठ में तीन पर सपा के प्रत्याशी थे, जबकि पांच पर बसपा प्रत्याशी भाजपा के सामने थे। इसी की नतीजा रहा कि बसपा को 10 और सपा को केवल 5 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वहीं भाजपा को मिले इस प्रचंड बहुमत के बीच 35 नवनिर्वाचित सांसद ऐसे हैं, जो पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं। इनमें भाजपा के 24 सांसद, अपना दल का एक जबकि बसपा के 8 सांसद और सपा के 2 सांसद शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में बीजेपी के इन 24 नए सांसदों को बड़ा ईनाम भी मिल सकता है। नरेंद्र मोदी सरकार में इनको बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।


पहली बार बने सांसद

सहारनपुर से बसपा के फजलुर्रहमान, कैराना से भाजपा के प्रदीप कुमार, बिजनौर से बसपा के मलूक नागर, नगीना से बसपा के गिरीश चंद्र, मुरादाबाद से सपा के एसटी हसन, रामपुर से सपा के आजम खान, अमरोहा से बसपा के दानिश अली, हाथरस के भाजपा के राजवीर दिलेर, आगरा से भाजपा के सत्यपाल सिंह बघेल, फतेहपुर सीकरी से भाजपा के राजकुमार चाहर, मछली शहर से भाजपा के बीपी सरोज, फिरोजाबाद से भाजपा के चंद्रसेन जादौन, बदायूं से भाजपा की संघमित्रा मौर्या, आंवला से भाजपा के धर्मेंद्र कश्यप, शाहजहांपुर से भाजपा के अरुण कुमार सागर, अमेठी से भाजपा की स्मृति ईरानी, प्रतापगढ़ से भाजपा के संगम लाल गुप्ता, कन्नौज से भाजपा के सुब्रत पाठक, कानपुर से भाजपा के सत्यदेव पचौरी, अकबरपुर से भाजपा के देवेंद्र सिंह, जालौन से भाजपा के भानु प्रताप सिंह, झांसी से भाजपा के अनुराग शर्मा, फूलपुर से भाजपा के केसरी देवी पटेल, इलाहाबाद से भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी, बाराबंकी से भाजपा के उपेंद्र सिंह रावत, अंबेडकरनगर से बसपा के रीतेश पांडे, बहराइच से भाजपा के अक्षयबर लाल, श्रावस्ती से बसपा के रामशिरोमणि शुक्ल, गोरखपुर से भाजपा के रविकिशन, देवरिया से भाजपा के रामापति राम त्रिपाठी, लालगंज से बसपा की संगीता आजाद, घोसी से बसपा के अतुल कुमार सिंह, जौनपुर से भाजपा के श्याम सिंह यादव, भदौही से भाजपा के रमेश चंद, रॉबर्ट्सगंज से अपना दल के पकौड़ीलाल कोल शामिल हैं।


यह कद्दावर नेता भी पहली बार पहुंचे लोकसभा

पहली बार लोकसभा पहुंचने वाले कद्वावर नेताओं में रामपुर से सपा के आजम खान, अमेठी से भाजपा की स्मृति ईरानी, कानपुर से भाजपा के सत्यदेव पचौरी और इलाहाबाद से भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी भी शामिल हैं। वैसे तो यह नेता काफी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन इन नेताओं की लोकसभा में पहली बार इंट्री हुई है।


यूपी से पहुंचे 6 मुस्लिम सांसद

17वीं लोकसभा में भारतीय मुसलमानों का प्रतिनिधित्व भी पिछली बार के मुकाबले बढ़ा है। 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार एक सांसद का इजाफा हुआ है। इस बार कुल 24 मुसलमान सांसद निर्वाचित हुए हैं जिनमें सबसे ज्यादा छह उत्तर प्रदेश से हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में एक भी मुसलमान सांसद उत्तर प्रदेश से संसद नहीं पहुंचा था। जबकि उपचुनावों में कैराना से तबस्सुम हसन ने जीत हासिल करके संसद में यूपी के मुसलमानों का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन वह इस बार चुनाव हार गई। इस बार यूपी से लोकसभा पहुंचने वाले मुस्लिम नेताओं में सहारनपुर से बसपा के हाजी फज़लुर्रहमान, मुरादाबाद सपा के एसटी हसन, संभल से सपा के डॉ. शफीकुर्रहमान, रामपुर से सपा के आजम खान, अमरोहा से बसपा के कुंवर दानिश अली और गाजीपुर से बसपा के अफजाल अंसारी शामिल हैं।

 

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