scriptFormer CM Ashok Chavhan disclosed pm modi on BJP MP Murli Manohr joshi | पूर्व CM अशोक चव्हाण ने किया खुलासा: BJP सांसद मुरली मनोहर जोशी ने रिपोर्ट में खुद कहा 'PM मोदी सेना के साथ खिलवाड़ कर रहे' | Patrika News

पूर्व CM अशोक चव्हाण ने किया खुलासा: BJP सांसद मुरली मनोहर जोशी ने रिपोर्ट में खुद कहा 'PM मोदी सेना के साथ खिलवाड़ कर रहे'

UP Assembly Elections 2022 में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए पीएम मोदी पर जोरदार कमेन्ट किया। इस दौरान उन्होने कहा कि मोदी सरकार ने ‘‘वन रैंक, वन पेंशन’’ के नाम पर 30 लाख पूर्व सैनिकों को धोखा दिया। सैनिकों के अधिकारों पर रोज कुठाराघात कर रही है। मोदी सरकार ने सेना के बजट में 60 साल की सबसे भीषण कटौती की है। सिविलियन कर्मचारियों के मुकाबले सेना से भेदभाव कर सैनिकों का मनोबल तोड़ रही है।

लखनऊ

Updated: January 28, 2022 07:20:45 pm

Uttar Pradesh Assembly Elections 2022 में कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण एन कहा कि मोदी सरकार और भाजपा ने एक तरफ़ तो सेना की कुर्बानी सेना के शौर्य का इस्तेमाल अपने राजनैतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए किया, दूसरी ओर सेना और सैनिकों के हितों पर कुठाराघात किया। "वन रैंक, वन पेंशन" के नाम पर धोखा, सेना के पदों को न भरना, सेना की मूलभूत सुविधाओं को भी छीन लेना, विसंगतियों को जानबूझकर नज़रंदाज करना, सिविलियन कर्मचारियों के मुकाबले सेना से भेदभाव करना, पूर्व सैनिकों के पुनर्वास व रोज़गार पर चोट पहुंचाना तथा सैन्य शक्ति को कमज़ोर करना मोदी सरकार में सेना का मनोबल तोड़ने की साजिशों का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय पर महराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मोदी राज में सेना और सैनिकों को लेकर हो रहे अपमान पर श्वेतपत्र ‘‘शौर्य के नाम पर वोट सेना के हितों पर चोट’’ को जारी करते हुए यह बातें कही।
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मुरली मनोहर जोशी ने ‘‘पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमिटी ऑन एस्टीमेट’’ देकर कहा कि 'सैनिको से खिलवाड़ हो रहा

पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण ने कहा, जब भी हम अपनी सेनाओं को याद करते हैं, तब तब हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा हो जाता है। जब-जब भारत माँ की गरिमा पर आँच आती है, हमला होता है, तब-तब हमारी सेनाओं के सपूत अपना सर्वाेच्च बलिदान देकर भी भारत माँ के गौरव की रक्षा करते हैं। देश की माटी की रक्षा की अटूट सौगंध ले यह कुर्बानी केवल हमारे सैनिक ही दे सकते हैं। मगर मोदी सरकार ने तो देश की सुरक्षा से ही समझौता किया है। यह बात भाजपा के वरिष्ठ नेता, मुरली मनोहर जोशी ने ‘‘पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमिटी ऑन एस्टीमेट’’ की रिपोर्ट में बताई और कहा कि मोदी सरकार भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है व सेना के हितों को नकार कर सरकार ने सेना के बजट में 60 साल की सबसे भीषण कटौती की है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की शर्मनाक असंवेदनशीलता का इससे बड़ा सबूत क्या है कि जिस दिन हमारे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल बिपिन रावत जी और उनकी धर्मपत्नी एक दुखद दुर्घटना का शिकार हुए, उसी दिन उनके पितातुल्य ससुर की समाधि पर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार बुलडोजर चला देती है। इन सबसे एक बात साफ़ है- केंद्र की भाजपा सरकार सेना के शौर्य के नाम पर वोट तो बटोरती है पर सैनिकों के अधिकारों पर रोज कुठाराघात करती है। इतना ही नहीं, भाजपा के एक और वरिष्ठ नेता, मेजर जनरल, बी सी खंडूरी ने पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमिटी ऑन डिफेंस के प्रमुख रहते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि मोदी सरकार ने न सिर्फ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से कुठाराघात किया है, अपितु सेना के आधुनिकीकरण को नुकसान पहुंचाया।
पीएम मोदी ने ‘‘वन रैंक, वन पेंशन’’ के नाम पर 30 लाख पूर्व सैनिकों को धोखा दिया

उन्होंने कहा 13 दिसंबर, 2021 को रक्षा मंत्रालय ने संसद को बताया कि तीनों सेनाओं में 1,22, 555 पद खाली पड़े हैं, जिनमें से लगभग 10,000 पद सैन्य अधिकारियों के भी हैं। देश की सुरक्षा से मोदी सरकार द्वारा किया जा रहा यह खिलवाड़ नाकाबिले माफ़ी है। मोदी सरकार ने ‘‘वन रैंक, वन पेंशन’’ के नाम पर 30 लाख पूर्व सैनिकों को धोखा दिया है। यूपीए- कांग्रेस सरकार ने साल 2004 से साल 2012 के बीच तीन बार भूतपूर्व सैनिकों को पेंशन दी, जिससे उन्हें ₹7,000 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक फायदा हुआ। मगर सत्ता में आने के बाद मोदी अपने वादे से पलट गए। 7 नवंबर, 2015 को मोदी सरकार ने नया आदेश निकाला और सेना के 30-40 प्रतिशत सैनिकों से ‘‘वन रैंक, वन पेंशन’’ पूरी तरह से छीन ली।
पूर्व सैनिकों का ईसीएचएस बजट 1,990 करोड़ रुपए काट लिया गया

उन्होंने कहा मोदी सरकार ने ईसीएचएस बजट में लगातार कटौती कर रही है। यहाँ तक कि मौजूदा साल 2021-22 में पिछले साल के मुकाबले पूर्व सैनिकों का ईसीएचएस बजट 1,990 करोड़ रुपए काट लिया गया। ईसीएचएस बजट में कटौती का नतीजा यह है कि ईसीएचएस के एम्पेनल्ड अस्पतालों में एरियर्स का भुगतान नहीं हो रहा, और नतीजतन रेफरल के बावजूद पूर्व सैनिकों और अधिकारियों का इलाज नहीं हो रहा।

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