आनंदपाल ने औरतों को आगे कर हो हल्ला मचाना कर दिया था शुरू

आनंदपाल ने औरतों को आगे कर हो हल्ला मचाना कर दिया  था शुरू

आनंदपाल सिंह ने मकान के पिछले दरवाजे की तरफ से जाकर पुलिसवालों पर AK-47 से गोलियां बरसानी शुरु कर दी..

आनंदपाल के भाई और उसके गुर्गे का पीछा राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पिछले 1 महीने से कर रही थी. जैसे ही पुलिस को आनंदपाल के सिरसा में होने का पता चला,पुलिस नेदोनों को पहले तो एनकाउंटर करने की धमकी दी जिसे सुनकर विक्की पर कोई असर नहीं हुआ लेकिन गट्टू डर गया.


गट्टू ने पुलिस को बता दिया कि anand-pal-singh-1610256/">आनंदपाल सिंह 1 दिन पहले ही राजस्थान आया है और वह चुरु के मौलासर के खेत में बने एक मकान में रह रहा है. जैसे ही पुलिस को यह पता चला,150 पुलिस और कमाडों के साथ टीम चुरु पहुंची पुलिस ने मौलासर गांव को पूरी तरह घेर लिया, खुद को घिरता देख आनंदपाल सिंह ने औरतों को आगे कर हो हल्ला मचाना शुरू कर दिया.


आनंदपाल
के एडवोकेट ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताया है और कहा कि उसको हरियाणा से पकड़कर लाया गयाथा और चुरु में मैनेज कर फर्जी तरीके से एनकाउंटर किया गया. पुलिस की पूरी कहानी में ऐसे कई झोल हैं, जिसपर लोगों को भरोसा नहीं हो रहा है. उसकी लोकेशन के बारे में उसके सगे भाईयों तक को पता नहीं होता था, तो पकड़ा कैसे गया. क्या सच है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा।

पुलिस के पास पहले से ही जानकारी थी कि उसके पास केवल 400 राउंड गोलियां हैं. आनंदपाल ने करीब 100 राउंड पुलिस पर गोलियां चलाई और खिड़की से भागने की कोशिश करने लगा. लेकिन उसे क्या पता था की छत से पुलिस मकान में घुस गई है पुलिस से पीछे से आनंदपाल पर 6 गोलियां दाग दी जिससे उसकी मौत हो गयी. पुलिस के लिए डेढ़ वर्ष से सिरदर्द बना कुख्यात आनंदपाल सिंह एक बार आगरा आया था और उसने यहां 8 दिनों तक शरण भी ली थी.
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