गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका हुई खारिज

गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है

By: Mahendra Pratap

Published: 16 May 2018, 03:11 PM IST

लखनऊ. अपहरण और छेड़खानी के आरोप में घिरे उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। यूपी सरकार ने इस बात का विरोध किया है और सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है।

नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में हुए थे गिरफ्तार

गायत्री प्रजापति को 2016 में नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ और अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया गया था। ये महिला चित्रकूट की रहने वाली थी, जिसने गायत्री प्रजापति पर रेप का आरोप लगाया। पीड़िता के मुताबिक गायत्री प्रजापति ने उसे नौकरी देने और प्लॉट दिखाने के बहाने से लखनऊ के गौतमपल्ली आवास पर बुलाया था। यहां पीड़िता को चाय पिलाई गयी। चाय पीने के बाद पीड़िता बेहोश हो गयी, जिसके बाद गायत्री प्रजापति ने उसकी बेहोशी का फायदा उठाया।

इतना काफी नहीं था कि पीड़िता का अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी भी देते रहे गायत्री प्रजापति। गायत्री प्रजापति की हरकतों से तंग आकर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत की लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। इसके बाद पीड़िता ने हाई कोर्ट में गुहार लगाई फिर भी कोई मदद नहीं की गयी। आखिर तंग आकर पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर पीड़िता की बात सुनी गयी और गायत्री प्रजापति को गिरफ्तार किया गया।

दुष्कर्म के अलावा इन बातों का भी लगा है आरोप

गायत्री प्रजापति पर दुष्कर्म के अलावा आय से अधिक संपत्ति रखने, अवैध कब्जे, अवैध खनन सहित कई संगीन आरोप लगे हैं। इसके अलावा 2012 में हुए अवैध खदान में विस्फोट घटना से 12 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। ये वो वक्त था जब अखिलेश यादव उस वक्त यूपी में चुनाव लड़कर सत्ता में आने की तैयारी कर रहे थे। प्रजापति के खदन घोटाले में कथित संलिप्ता के कारण उन्हें मंत्री के पद से हटा दिया गया था। लेकिन बाद में मुलायम सिंह यादव के हस्तक्षेप के बाद उन्हें मंत्रीमंडल में वापस ले लिया गया था।

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