scriptGhaziabad's former DM Nidhi Kesarwani suspended | भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम योगी सख्त, गाजियाबाद की पूर्व डीएम निधि केसरवानी निलंबित, जानिए क्या था कारण | Patrika News

भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम योगी सख्त, गाजियाबाद की पूर्व डीएम निधि केसरवानी निलंबित, जानिए क्या था कारण

मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे 82 किलोमीटर लंबा है। 31.77 किमी हिस्सा गाजियाबाद में है। गाजियाबाद में भूमि अधिग्रहण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम- 1956 की धारा-3ए की अधिसूचना 8 अगस्त 2011 को जारी हुई थी। इस धारा के तहत भूमि अधिग्रहण का इरादा जताया गया है। धारा-3डी के तहत भूमि को अधिगृहीत किए जाने की अधिसूचना 2012 में जारी की गई। अधिगृहीत की जाने वाली भूमि का अवार्ड 2013 में घोषित हुआ।

लखनऊ

Updated: May 04, 2022 04:50:31 pm

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्य सरकार 2.0 की पूरी तरह एक्शन में है। बुधवार को एक बार फिर सीएम योगी ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएम योगी ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण में हुए घोटाले में गाजियाबाद की तत्कालीन जिलाधिकारी निधि केसरवानी निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए भारत सरकार को संदर्भित करने के आदेश दिए है। वर्तमान समय में निधि केसरवानी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में तैनात हैं। इसके साथ ही इस मामले में जांच आख्या उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई में देरी करने पर नियुक्ति विभाग के अनुभाग अधिकारी, समीक्षा अधिकारी को भी निलंबित करने के आदेश दिया है। अनुसचिव पर भी कार्रवाई होगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल पर दी गई है। इसके साथ ही दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं।
nidhi.jpg
केंद्र में तैनात हैं निधि केसरवानी

आईएएस अधिकारी निधि केसरवानी वर्तमान में केंद्र सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर में तैनात हैं। 2004 बैच की मणिपुर कैडर से आने वाली निधि केसरवानी के खिलाफ भूमि अधिग्रहण मामले में गड़बड़ी का आरोप है।
21 जुलाई 2016 को गाजियाबाद की डीएम बनीं थी

वह 21 जुलाई, 2016 को गाजियाबाद की डीएम बनीं थीं। निधि केसरवानी के खिलाफ कार्रवाई अब केंद्र सरकार को करनी है। प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया है।
किसानों से सस्ते रेट में ली जमीन
गाजियाबाद की तत्कालीन डीएम निधि केसरवानी पर आरोप है कि इस घोटाले में अधिकारियों ने शुरुआत में किसानों से सस्ते रेट पर जमीन खरीद ली और फिर उसे अपने रिश्तेदारों को खरीदवाकर सरकार को कई गुना ऊंचे रेट पर बिकवा दी गई थी। मेरठ मंडल के पूर्व आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने गाजियाबाद के तत्कालीन जिलाधिकारी विमल कुमार शर्मा और निधि केसरवानी समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाया था।
दो अधिकारी हो चुके निलंबित

इस मामले में गाजियाबाद के पूर्व अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) घनश्याम सिंह ने धारा-3डी की अधिसूचना के बाद नाहल गांव में अपने बेटे के नाम जमीन खरीदी और बाद में बढ़ी दर से मुआवजा हासिल किया। इसी तरह अमीन संतोष ने भी अपनी पत्नी व अन्य रिश्तेदारों के नाम जमीन खरीद कर ज्यादा प्रतिकर प्राप्त किया था। जांच होने पर दोनों निलंबित किए गए थे।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

सीएम Yogi का बड़ा ऐलान, हर परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरीचंडीमंदिर वेस्टर्न कमांड लाए गए श्योक नदी हादसे में बचे 19 सैनिकआय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला को 4 साल की जेल, 50 लाख रुपए जुर्माना31 मई को सत्ता के 8 साल पूरा होने पर पीएम मोदी शिमला में करेंगे रोड शो, किसानों को करेंगे संबोधितराहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा - 'नेहरू ने लोकतंत्र की जड़ों को किया मजबूत, 8 वर्षों में भाजपा ने किया कमजोर'Renault Kiger: फैमिली के लिए बेस्ट है ये किफायती सब-कॉम्पैक्ट SUV, कम दाम में बेहतर सेफ़्टी और महज 40 पैसे/Km का मेंटनेंस खर्चIPL 2022, RR vs RCB Qualifier 2: राजस्थान ने बैंगलोर को 7 विकेट से हराया, दूसरी बार IPL फाइनल में बनाई जगहपूर्व विधायक पीसी जार्ज को बड़ी राहत, हेट स्पीच के मामले में केरल हाईकोर्ट ने इस शर्त पर दी जमानत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.