जानिए और कितना सस्ता होगा सोना, छह महीने में 9400 रुपये गिरे दाम, पुराना बेचिए, नया ख़रीदिए इसी में है फ़ायदा

  • सोना गिरकर (Gold Cost Fallen) 46845 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर पहुंचा
  • बीते साल अगस्त में सोना 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर था

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. सोने खरीदिये, सोना खरीदने में फायदा है। बाजार में लगातार गिरते सोने के भाव इसी तरफ इशारा कर रहे हैं, सोना काफी सस्ता (Gold Cost Fallen) हुआ है। हालत ये है कि सोना बीते साल अगस्त के अपने अब तक के रिकाॅर्ड उच्चतम स्तर से करीब 9400 रुपये (9375 रुपये) नीचे चल रहा है। अगस्त 2020 में प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत 56200 रुपये थी, जो अब 46,826 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ चुका है। कोरोना काल में सोना खूब चमका लेकिन वैक्सीन आने के बाद और सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटने से इसकी कीमतों में तेजी से गिरावट देखने को मिली है।

 

जानकार बता रहे हैं कि यह सोना खरीदने का सबसे सही समय है इसके पहले शुक्रवार को सोना 46845 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत (Gold Price Today) पर बंद हुआ था। यह गिरावट जारी रही और रुपये में सुधार व सोने की वैश्विक कीमत के असर से सोमवार को सोना में 19 रुपये की कमजोरी के साथ 46,826 रुपये तक जा पहुंचा। हालांकि चांदी में चमक देखने को मिली और चांदी 646 रुपये की मजबूती के साथ 69072 रुपये प्रति किलोग्राम (Silver Price Today) पर बंद हुई।


कोरोना से बढ़े दाम वैक्सीन आने पर गिरावट

कोरोना महामारी (Coconavirus Pandemic) में सोने के दाम बेतहाशा तेजी से बढ़े। महामारी के चलते निवेशकों (Investors) में डर का माहौल था, जिसका असर सोने पर पड़ा और अगस्त 2020 में 10 ग्राम सोने की कीमत 56,200 रुपये पहुंच गई। सोने की जबरदस्त खरीदारी से जानकार भी हैरान रहे। हालांकि कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) के आने के संकेतों के साथ ही सोने में गिरावट का दौर शुरू हुआ। वैक्सीन आने और वैसीनेशन शुरू होने पर सोना लगातार कमजोर हुआ। अगस्त से लेकर अब तक सोने में 9375 रुपये की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। जानकार बताते हैं कि अक्सर शेयर बाजार में नुकसान या रुपये की कीमत में गिरावट से सोने के निवेशक सोने का रुख करते हैं, जिससे इसके दाम में तेजी देखने को मिलती है।


इंपोर्ट ड्यूटी घटने से गिर रहा सोना

सोने के बेतहाशा बढ़ते दाम पर सरकार के ऐलान ने भी ब्रेक लगाया है। वित्तीय साल 2021-22 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी (Gold Import Duty) में 5 फीसदी की कटौती का ऐलान किया। इसके बाद आयात शुल्क घटकर 12.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत पर आ गया। इसका असर ये हुआ कि सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट सामने आयी। फरवरी बजट के दिन सोना 1040 रुपये सस्ता हुआ था।


कब तक सस्ता होगा

सोने की कीमतों में गिरावट खरीदारों और निवेशकों के लिये सुनहरा मौका लेकर आयी है। पर निवेशकों में एक बड़ा सवाल यह भी है कि ये गिरावट कब तक जारी रहेगी। महामारी का खतरा कम जोने और वैक्सीनेशन आने के बाद लोगों में डर कम हुआ तोअब वो सोने की जगह इक्विटी को तरजीह दे रहे हैं। यही वजह है कि सोना कमजोर हो रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि 2021 में सोने का प्रदर्शन में सुस्ती देखने को मिलेगी। हालांकि इसमें बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं। यानि कुल मिलाकर निवेशकों के लिये सोने में निवेश करने के लिहाज से ये साल ठीक है। और निवेश से बेहतर लाभ कमाया जा सकता है।


पुराना बेचिये नया खरीदिये

ऐसा देखा जाता है कि जब सोने के दाम आसमान छूते हैं तो निवेशक और खरीदार और आम लोग पुराना सोना बेचकर मुनाफा कमाते हैं। साल 2019 में सोने की कीमतें तब की रिकाॅर्ड कीमतों पर थीं। 30 दिसम्बर को सोना 39036 रुपये प्रति 10 ग्राम था, इस दौरान निवेशकों ने जमकर सोने की बिकवाली की थी। इसी तरह अक्टूबर 2020 में तो सोना अपने रिकाॅर्ड उच्चतम स्तर 56,200 तक जा पहुंचा। उस दौरान बिकवाली करने वालों के लिये वर्तमान समय में सोना बेचने पर 9000 से ज्यादा लाभ मिल रहा है। अभी भी सोना काफी महंगा बिक रहा है ऐसे में पुराना सोना बेचकर नए की खरीदारी भी मुनाफा कमाने का बेहतर विकल्प हो सकता है।

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रफतउद्दीन फरीद
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