लाॅकडाउन में जनता तक पहुंचने के लिए सरकारी विभाग प्रयोग कर रहे यह यह 'ऐप’

फेक न्यूज़ व अफवाहों का मुकाबला कर रहे हैं

By: Ritesh Singh

Published: 23 Apr 2020, 06:46 PM IST

लखनऊ, कोविड-19 वायरस के फैलाव और लाॅकडाउन के इस दौर में देशवासी घर के भीतर ही बने रहने की आदत डाल रहे हैं। ऐसे में वे ज्यादातर वक्त अपने स्मार्टफोन परव्यतीत करते हुए महामारी के हालात की खबरें पाते रहते हैं। ’पब्लिक’ ऐप एकलोकेशन आधारित सोशल नेटवर्क है जो लोगों को उनके गांवों और शहरों से कनेक्टिड रहने में मदद कर रहा है। कोविड विस्फोट के बाद पब्लिक ऐप को डाउनलोड करने की दर में 100 प्रतिशत का उछाल आया है। गौर तलब है कि पब्लिक ऐप के रोजाना 3 लाख डाउनलोड हो रहे हैं।

दिलचस्प तथ्य यह है कि राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में 1000से अधिक राजनेताओं, प्रशासकीय अधिकारियों और स्थानीय (जिला) सरकारी विभागों जैसे पुलिस व चिकित्सा अधिकारियों ने भी इस ऐप को डाउनलोड किया है तथा इसके जरिए वे जनता तक पहुंच रहे हैं और कोरोना वायरस से संबंधित गलत सूचनाओं को रोकने का काम कर रहे हैं। सरकारी अधिकारी एवं राजनेता पब्लिक ऐप का उपयोग करके कोविड-19 से संबंधित फेक न्यूज़ व अफवाहों का मुकाबला कर रहेहैं तथा लोगों की शिकायतों को भी सुन रहे हैं ताकि सबकी सुरक्षा सुनिश्चित कीजा सके।

राष्ट्रीय व क्षेत्रीय राजनीतिक दल जैसे भाजपा, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आॅफइंडिया, जनता दल युनाइटेड, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस भीइस ऐप के माध्यम से समुदायों से जुड़े हुए हैं। पब्लिकऐप द्वारा सरकारी विभाग एवं राजनेता कोविड-19 एवं विविध सरकारी नीतियों केबारे में लोगों को शिक्षित कर रहे हैं तथा लोगों की परेशानियां जानकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। चूंकि हर जिले के समक्ष भिन्न किस्म की समस्याएं होती हैं इसलिए लोगों तक निर्देशों को पहुंचाने के लिए अधिकारी इस ऐप का उपयोग कर रहे हैं। हेमामालिनी, वरुण गांधी, कमल नाथ, सी.पी. जोशी, चंद्रभान सिंह, भूपिंदर सिंह हूडा, दीपेन्दर सिंह हूडा, ओम प्रकाश धनकड़ और डाॅ आलोक रंजन उन राजनेताओं में से हैं जो पब्लिक ऐप के माध्यम से लोगों से सम्प्रेषण कर रहे हैं और समुदायों के साथ जुड़ रहे हैं।

राज्य प्रविष्टियों की संख्या कुछ मशहूर नाम उत्तर प्रदेश 936 भाजपा उत्तर प्रदेश, हेमा मालिनी, अनुप्रिया पटेल, शिवपाल सिंह यादव, वरुण गांधी इसरुझान के बारे में पब्लिक ऐप के सह-संस्थापकव सीईओ अज़हर इक़बाल ने कहा, ’’दुनिया कोविड-19 की महामारी का सामनाकर रही है, यह अभूतपूर्व समय है, लोग डरे हुए हैं और ऐसे में गलत जानकारीफैलने से भय और बढ़ जाएगा। हर किसी को सूचनाओं के भरोसेमंद स्त्रोत कीआवश्यकता है और उन्हें ऐसे तरीकों चाहिए जिनसे वे अपने समुदायों से जुड़े रहसकें। पब्लिक ऐप के जरिए हम राजनेताओं और सरकारी विभागों की मदद कर रहे हैंकि वे जनता तक पहुंच सकें और उन्हें सही एवं उपयोगी जानकारी सम्प्रेषित कर पाएंतथा कोरोनावायरस से संबंधित गलत खबरों का मुकाबल कर सकें।

दूसरे सोशलमीडिया Platforms से अलग इस ऐप में यूज़र की लोकेशन के मुताबिक अपडेट दिए जातेहैं। यह राजनेताओं के लिए एक सहायक साधन बन गया है कि वे जनता से संवाद कर सकेंऔर लोगों के बीच जागरुकता जगा सकें, जो कि वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक है।’’ पब्लिक ऐप पर कुछ ऐसे वीडियो अपलोड किए गए हैं जिन्होंने समाज पर बहुत सकारात्मक असरडाला है। पिछले महीने में राजस्थान, हरियाणा, बिहार, झारखंड, उ.प्र., म.प्र., छत्तीसगढ़ व गुजरात आदि राज्यों में बड़ी तदाद में लोगों ने पब्लिक ऐप को डाउनलोड कियाहै। पब्लिक ऐप लोगों को सुविधा देता है कि रियल टाइम अपडेट द्वारा जान सकें कि उनके आसपास क्या हो रहा है तथा जानकारी साझा कर सकें। इससे टियर2 और टियर3 शहरों के लोगों को खास मदद मिल रही है, लोग अपने आसपास के हालात का वीडियो रिकाॅर्ड कर के पोस्ट कर सकते हैं जिससे स्थानीय समुदाय को जानकारी मिलती है। पब्लिक ऐप पर हर महीने 10 लाख वीडियो बनाए जा रहे हैं जिनसे स्थानीय समुदाय कनेक्ट रहता है,सही सूचना प्राप्त करता है और सशक्त बनता है।

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