प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ता योजना समाप्त की

प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में की गई फर्जी नियुक्तियों की जांच के आदेश

By: Anil Ankur

Published: 20 Jul 2018, 08:18 PM IST

लखनऊ. प्रदेश सरकार ने श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा संचालित UP बेरोजगारी भत्ता योजनाष् को बन्द कर दिया है।
प्रमुख सचिवए श्रम एवं सेवायोजन श्री सुरेश चन्द्रा ने इस बावत शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश में उल्लेख है कि यह योजना सन् 2014.15 से प्रचलन में नहीं होने के कारण अप्रासांगिक हो चुकी थीए जिससे इसे समाप्त कर दिया गया है। कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के पत्र के संदर्भ में 14 मईए 2018 को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक में इस सम्बन्ध में आख्या प्राप्त की गयीए जिसके आधार पर सरकार ने इस योजना को समाप्त करने का निर्णय लिया।
उप्र बेरोजगारी भत्ता योजना सन् 2012.13 में प्रारम्भ की गयी थीए तभी से योजना प्रचलन में नहीं है एवं टोकन मनी का प्राविधान हैए का उल्लेख जारी शासनादेश में किया गया है।

प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में की गई फर्जी नियुक्तियों की जांच के आदेश

प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 07 जनपदों आगराए अलीगढ़ए फिरोजाबादए हाथरसए मुरादाबादए फतेहपुर एवं हरदोई के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 के पश्चात् सहायक अध्यापकों के पद पर हुई नियुक्ति में अनियमितता के जांच के आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी जनपदों में जांच कराने का निर्णय लिया है। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डा0 प्रभात कुमार ने आज यहां दी।
अपर मुख्य सचिव बेसिक ने बताया कि शासन के संज्ञान में आया है कि विगत कई वर्षों से प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर बड़ी संख्या में अनियमितए नियमविरूद्ध तथा फर्जी नियुक्तियां की गयी है। वर्ष 2010 के पश्चात् की गयी इन फर्जी नियुक्तियों की जांच हेतु सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजते हुए अपने.अपने जनपदों में तीन सदस्यीय समिति अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित करने के निर्देश दिये गये है। इस समिति में अपर पुलिस अधीक्षक एवं सहायक मण्डलीय शिक्षा निदेशक ;बेसिकद्ध सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
गठित समिति द्वारा अनियमितए नियमविरूद्ध तथा फर्जी नियुक्तियों की जांच की जायेगी। जांच के दौरान विभिन्न बिन्दुओं को शामिल किया जायेगा। जिलाधिकारी द्वारा अपने स्वयं के निर्देशन में इस जांच को पूरा कराया जायेगा तथा इसकी समीक्षा अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा द्वारा स्वयं की जायेगी।
इस सम्बन्ध में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रेषित कर दिया गया है। इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

Anil Ankur Desk/Reporting
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