भूमि को उपयोगी बनाने के लिए कृषि और वन विभाग मिलकर कार्य करें- आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल ने 9 शहीद सैनिकों की पत्नियों को रूपये एक लाख का चेक भेंट किया

By: Ritesh Singh

Published: 16 Sep 2021, 07:45 PM IST

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सैनिक पुनर्वास निधि आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में ‘प्रबन्ध समिति उत्तर प्रदेश सैनिक पुनर्वास निधि’, लखनऊ की 48वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्यपाल ने सैनिक पुनर्वास निधि अटारी प्रक्षेत्र में उद्यान के लिए आरक्षित भूमि पर आम के बाग लगाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन से अलग अन्य स्वीकृत परियोजनाओं का संचालन कृषि के लिए अनुपयुक्त भूमि पर ही किया जाए। राज्यपाल ने प्रक्षेत्र की बंजर जमीन से बबूल हटाने के कार्य प्रगति की जानकारी ली और भूमि को उपयोगिता के लिए तैयार करने के लिए उद्यान और वन विभाग को मिलकर कार्य करने का निर्देश दिया।

उत्तर प्रदेश सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास के निदेशक ब्रिगेडियर रवि ने बैठक में समिति के साथ एजेण्डा बिन्दुओं के तहत प्रस्तुतिकरण किया, जिसमें समिति की 47वीं बैठक की कार्यवृत्त की पुष्टि, गत बैठक के निर्णयों के अनुपालन की रिर्पोट, वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट की स्वीकृत, निधि मुख्यालय तथा अटारी प्रक्षेत्र के वर्ष 2020-21 के लाभ-हानि और बैलंस सीट का अनुमोदन, टाटा ट्रस्ट मुंबई द्वारा अनुमोदित योजनाओं एवं छात्रवृत्ति योजना विस्तार, अटारी प्रक्षेत्र भूमि के उपयोग के विकल्प तथा सहायक लेखाकार के पद पर उपयुक्त भर्ती पर चर्चा की गई।

ब्रिगेडियर रवि ने जानकारी दी कि अटारी प्रक्षेत्र के 250 एकड़ ऊसर भूमि सुधार के लिए रूपये 1.35 करोड़ स्वीकृत हुआ है। उद्यान विभाग द्वारा 13 हेक्टेअर जमीन पर उद्यान लगाए जाने हेतु मनरेगा से धनराशि स्वीकृत हुई है। मत्स्य पालन परियोजना के लिए आर0के0वी0वाई0 से रूपये 22.00 लाख की स्वीकृति हो गई है। उन्होंने राज्यपाल को लीज का नवीनीकरण कराने तथा नई लीज में आवश्यक संशोधन की आवश्यकता से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि निधि द्वारा संचालित योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए अटारी क्षेत्र की भूमि के अन्य बेहतर उपयोग भी विचाराधीन हैं।

राज्यपाल ने निधि में लेखाकार पद पर नियमित सहायक लेखाकार का पद शीघ्र भरे जाने का आदेश दिया। बैठक में राज्यपाल ने 9 शहीद सैनिकों की पत्नियों को रूपये एक लाख का चेक भेंट किया।

Ritesh Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned