कारगिल विजय दिवस पर राज्यपाल और बच्चों ने शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

कारगिल विजय दिवस पर राज्यपाल और बच्चों ने शहीदों को अर्पित की  श्रद्धांजलि

Ritesh Singh | Publish: Jul, 26 2019 06:31:03 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

भारतीय क्षेत्र से निकाल फेका

लखनऊ,कारगिल युद्ध में हमारी शानदार विजय के उपलक्ष्य में ‘कारगिल विजय दिवस’ पर लखनऊ छावनी स्थित मध्य कमान के युद्ध स्मारक ‘स्मृतिका’ पर एक भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया जहॉ करगिल युद्ध में शहीद जाँबाज रणबांकुरों को पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मध्य कमान के युद्ध स्मारक ‘स्मृतिका’ परपुष्प चक्र अर्पित कर शहीद जांबाज सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। पुष्पचक्र अर्पण के पश्चात बिगुल द्वारा शोक ध्वनि प्रस्तुत की गई एवं शहीद सैनिकों के दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

स्कूलों के बच्चों देखी प्रदर्शनी

लखनऊ के 18 स्कूलों के बच्चों ने भी युद्ध स्मारक ‘स्मृति’ पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों जांबाज सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। छावनी स्थित पुनीत दत्त प्रेक्षागृह में आयोजित एक कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में भाग लेनेवाले वीर चक्र से अलंकृत नायब सूबेदार मेहर सिंह ने कारगिल युद्ध की वीरगाथा बच्चों को सुनाई । 500 से अधिक स्कूली बच्चों के बीच जागरूकता व्याख्यान के माध्यम से नायब सूबेदार मेहर सिंह ने अपने कारगिल युद्ध के अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर नायब सूबेदार मेहर सिंह ने युद्ध के दौरान पर्वत शिखर 5140 एवं 4875 पर फतेह हासिल करने के लिए अपने जाबांज साथियों के धैर्य, दृढ़ संकल्प एवं बलिदान की चर्चा की।

भारतीय क्षेत्र से निकाल फेका

भारतीय थल सेना एवं वायु सेना द्वारा चलाये गये ऑपरेशन विजय के तहत पाकिस्तानी सेना एवं आतंकियो/घुसपैठियों को भारतीय क्षेत्र से निकाल फेंका गया था। अपनी उच्च सैन्य परंपराओं का निर्वहन करते हुए भारतीय सेना सदैव अपनी मातृभूमि की रक्षा में तत्पर रही है। इसकी मिसाल भारतीय थल सेना तथा वायु सेना ने विपरीत परिस्थितियों में अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कारगिल युद्ध में विजय पताका फहराकर दिया। इस युद्ध में 527 जाबांज सैनिक षहीद हो गये वहीं 1363 सैनिक घायल हुए।

सेना के साथ साथ सबका मान बढ़ाया

इस युद्ध में लखनऊ जिले के सपूतों - शहीद कैप्टन मनोज पाण्डेय तथा शहीद मेजर विवेक गुप्ता ने अपनीवीरतापूर्ण कारनामों से न केवल सेना को बल्कि देश को गौरवान्वित किया। इस युद्ध में अप्रतिम शौर्य एवं वीरता का परिचय देने के लिए शहीद कैप्टन मनोज पाण्डेयको राष्ट्र का सर्वोच्च वीरता पदक ‘परम वीर चक्र’ से मरणोपरांत सम्मानित किया गया वहीं शहीद मेजर विवेक गुप्ता को ‘महावीर चक्र’ से मरणोपरांत अलंकृत किया गया।

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