यूपी की इस सीट पर सबसे अधिक महिलाओं ने रचा इतिहास, जानिए कितनी बार रहीं सांसद

यूपी की इस सीट पर सबसे अधिक महिलाओं ने रचा इतिहास, जानिए कितनी बार रहीं सांसद

Neeraj Patel | Updated: 10 Apr 2019, 06:05:26 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

मोहनलालगंज संसदीय सीट पर इस बार मुकाबला रोचक, कांग्रेस की गंगा देवी ने लगातार तीन बार जीत की हासिल

मोहनलालगंज. लखनऊ जिले के ग्रामीण इलाकों को लेकर बनी मोहनलालगंज संसदीय सीट पर इस बार मुकाबला रोचक है। सपा बसपा गठबंधन के उम्मीदवार सीएल वर्मा, भाजपा से सांसद कौशल किशोर और कांग्रेस से रामशंकर भार्गव उम्मीदवार है। हालांकि अब यह चर्चा है कि कांग्रेस यहां आरके चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाएगी। यदि चौधरी मैदान में उतरते हैं तो लड़ाई त्रिकोणीय हो जाएगी।

मोहनलालगंज सीट पर अब तक हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की गंगा देवी ने लगातार तीन बार जीत हासिल की है। इस सीट पर 14 बार हुए चुनाव में कांग्रेस केवल पांच बार राज कर पाई है। जब देश में इमरजेंसी लगाई गई थी उस दौरान यह सीट कांग्रेस के हाथ से हमेशा के लिए चली गई। साल 1984 में कांग्रेस के जगन्नाथ ने इस सीट पर कब्जा किया था। इसके बाद साल 1989 में कांग्रेस के जगन्नाथ चुनाव हार गए और पहली बार जनता दल ने यहां से भारी मतों से चुनाव जीता। भाजपा पहली बार 1991 में इस सीट पर जीती। भाजपा से छोटेलाल 1991 में लोकसभा चुनाव जीते और फिर 1996 में पूर्णिमा वर्मा इस सीट से सांसद के रूप में चुनी गई। इसेक बाद 1998 में भाजपा यहां से हार गई और पहली बार सपा ने अपना खाता खोला। वर्ष 1998 और 1999 में लगातार दो बार सपा की रीना चौधरी, 2004 में सपा के ही जयप्रकाश और 2009 में सपा की सुशीला सरोज ने जीत हासिल की लेकिन 2014 में सपा का विजय के रथ का पहिया रुक गया और 2014 में मोदी लहर के चलते भाजपा ने फिर से जीत का परचम लहरा दिया और कौशल किशोर भारी मतों से विजयी होकर सांसद की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया और इस बार भी कौशल किशोर भाजपा से मोहनलालगंज संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

लखनऊ से सटी मोहनलालगंज सीट पर भाजपा ने वर्ष 2014 में भारी मतों से जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा ने दोबारा सीट हासिल करने के लिए अपने वर्तमान सांसद कौशल किशोर पर भरोसा जताकर उन्हें फिर से टिकट दिया है। जबकि सपा-बसपा का गठबंधन बीजेपी को कड़ी चुनौती देता हुआ नजर आ रहा है। वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व सांसद रामशंकर भार्गव को मैदान में उतारा है। सीट पर 1962 से लोकसभा चुनाव हो रहे हैं। इस सीट की खासियत यह है कि अधिकांश ग्रामीण इलाकों वाली मोहनलालगंज सीट पर अब तक आठ बार महिलाओं ने जीत हासिल की है। कांग्रेस, भाजपा और सपा के कोटे से ज्यादातर महिलाएं मोहनलालगंज से चुनकर संसद तक पहुंची हैं।

मिश्रिख सीट पर रहे सांसद

1998 में रामशंकर भार्गव मिश्रिख लोकसभा सीट से बीएसपी के सांसद रह चुके हैं। अब यह बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए है और कांग्रेस ने इस बार इन्हें मोहनलालगंज सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा है। मोहनलालगंज में पड़ने वाली सिधौली विधानसभा सीट से उनके भाई हरगोविंद भार्गव बसपा के विधायक हैं।

कौन कब जीता

1962 - गंगा देवी - कांग्रेस
1967 - गंगा देवी - कांग्रेस
1971 - गंगा देवी - कांग्रेस
1977 - राम लाल कुरील - बीएलडी
1980 - कैलाश पति - कांग्रेस
1984 - जगनंनाथ प्रसाद - कांग्रेस
1989 - सरजू पंसाद सरोज - जनता दल
1991 - छोटे लाल - भाजपा
1996 - पूर्णिमा वर्मा - भाजपा
1998 - रीना चौधरी - सपा
1999 - रीना चौधरी - सपा
2004 - जय प्रकास - सपा
2009 - सुशीला सरोज - सपा
2014 - कौशल किशोर - भाजपा

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