यूपी की इन लड़कियों ने लिखी नई इबारत

यूपी की इन लड़कियों ने लिखी नई इबारत

Mahendra Pratap | Publish: Sep, 04 2018 02:56:33 PM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 11:57:30 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बुलंद इरादों के साथ लगभग हर सेक्टर में महिलाओं ने अपना परचम लहराया है

करिश्मा लालवानी
लखनऊ. 'छोरियां छोरों से कम नहीं हैं। पूर्वी यूपी की इस कहावत को उप्र की लड़कियों ने चरितार्थ कर दिखाया है। बात पढ़ाई की हो, बिजनेस की हो, खेल हो या फिर राजनीति सब जगह बेटियों ने बुलंदी के झंडे गाड़े हैं। इनमें से तो कुछ ऐसी भी हैं जो बड़े सपनों को साकार कर छोटे शहरों का नाम रोशन किया है। पेश उन लड़कियों और युवतियों की कामयाबी की कहानी जिसको उन्होंने पिछले एक साल में हासिल किया है और मीडिया की सुर्खियां बटोरी हैं।

पूनम यादव

वाराणसी की पूनम यादव ने गोल्डकोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में 69 किग्रा में भारोत्तोलन का गोल्ड जीत कर काशी का नाम रोशन किया। इससे पहले उन्होंने स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता था। पूनम यादव दादुपुर गांव में किसान परिवार से हैं। उनके पिता कैलाश यादव किसान हैं। पूनम को इस मुकाम को हासिल करने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। बेहद गरीबी में पली पूनम के जीवन में एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें भूखे पेट गुजारा करना पड़ता था। बचपन में उनके खेलने पर जो लोग हंसी उड़ाते थे, आज उनकी कामयाबी के बाद तारीफ करते है।

स्वाति सिंह

लखनऊ में पली बढ़ीं स्वाति सिंह भाजपी में फायर ब्रांड नेता मानी जाती हैं। वे एनआरआई, बाढ़ नियंत्रण, कृषि आयात, कृषि विपणन, कृषि, विदेश व्यापार की मन्त्री तथा महिला कल्याण मंत्रालय, परिवार कल्याण, मातृत्व और बाल कल्याण मन्त्रालयों की राज्य मंत्री हैं।

जानें स्वाति सिंह के बारे में

स्वाति सिंह ने 2001 में इलाहाबाद के एमएनएनआईटी से एमएमएस किया है। 2007 में उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलएम किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद इनकी शादी। वे बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले भाजपा के पूर्व नेता दया शंकर की पत्नी हैं। स्वाति सिंह आज भाजपा में एक उम्मीद का चेहरा बन कर उभरी हैं लेकिन राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं था। दरअसल मायावती पर अपमानजनक टिप्पणी करने पर बसपा के कुछ नेताओं ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया और स्वाति सिंह व उनके बच्चों पर अपमानजनक शब्द कहे। इसका स्वाति सिंह ने जोरदार अंदाज में विरोध किया और मायावती के खिलाफ मोर्चा खोला। इसके बाद से इनका राजनीति का सफर शुरू हुआ।

दिव्या काकरान

इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में दिव्या काकारन ने 68 किलोग्राम वेट कैटेगरी में फ्री स्टाइल में कांस्य पदक जीता। चीन के ताइपे की रेसलर चेन वेनलिंग को 10-10 से मात देकर उन्होंने यह पदक अपने नाम किया।भारत केसरी दिव्या 2017 में हुए एशियन रेस्लिंग चैम्पियनशिप में 69 किलोग्राम वेट कैटगरी में फ्री स्टाइल में सिलवर मेडल जीता था। 2017 में कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैम्पियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता। मूलरूप से मुजफ्फरपुर की रहने वाली दिव्या ने नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजूकेशन से बीएड किया है। दिव्या बहुत स्ट्रग्रल के बाद यहां तक पहुंची हैं। इनके पिता दिल्ली, हरियाणा और यूपी के ऐसे इलाकों में लंगोट बेचते हैं, जहां पहलवान हों।

वेटलिफ्टर स्वाति सिंह

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉंज मेडल जीतने वाली स्वाति सिंह वाराणसी से हैं। उन्होंने 63 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 183 किलो भार उठा कर ब्रॉंज पदक अपने नाम किया। इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की। चार साल तक परिवार से दूर रह कर स्वाति सिंह ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी की थी।

अदिति सिंह

रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह 90 हजार से ज्यादा वोट पाकर पहली बार विधायक बनी हैं। यह उप्र की विधानसभा में सबसे कम उम्र की विधायक हैं। इनके पिता अखिलेश सिंह भी 5 बार विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी की बेहद करीबी अदिति को हाल ही में कांग्रेस पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी गयी है। अदिति को अब राजनीति खूब सुहा रही है लेकिन एक वक्त यह फैशन वल्र्ड का हिस्सा बनना चाहती थीं। 30 साल की अदिति ने अमरीका के ड्यूक यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है।

नेहा यादव और रमा यादव

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को काला झंडा दिखाकर सुर्खियों में आई थीं नेहा यादव और रमा यादव। वे 'अमित शाह वापस जाओ' का नारा लगा कर उन्हें काला झंडा दिखा रही थीं। इस हरकत के लिए उनपर लाठियां बरसायी गयी थीं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद नेहा और रमा सुर्खियों में आई थीं। इस घटना के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया था लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया था। दरअसल काला झंडा दिखाकर नेहा और रमा यादव उत्तर प्रदेश में छात्रों पर जो कहर बरपाया जा रहा है, उससे आक्रोशित होकर ऐसा किया।

जानें इनके के बारे में

इलाहाबाद की रहने वाली नेहा यादव ने बीएचयू के फूड एंड न्यूट्रिशन मास्टर की डिग्री ली है। वह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के सेंट्रल ऑफ फूड टेक्नोलॉजी से रिसर्च कर रही हैं। रमा यादव और नेहा यादव दोनों ही इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट हैं और समाजवादी छात्र सभा से जुड़ी हैं।

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