मिशन वर्ल्ड रिकॉर्ड पर निकला आजमगढ़ का शेर , CM ने दिखाई हरी झंडी

मिशन वर्ल्ड रिकॉर्ड पर निकला आजमगढ़ का  शेर , CM ने दिखाई हरी झंडी

Hariom Dwivedi | Publish: Dec, 28 2015 08:04:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने हमेशा ही खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम किया है, आगे भी जारी रहेगा


लखनऊ. दिल में जूनून हो और शरीर में दम, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाने की कोशिश में हैं नौसेना के रिटायर्ड हरि शंकर यादव। उनका लक्ष्य 5 हजार किलोमीटर साइकिल चलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का है। इससे पहले वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन के टॉमी गॉडविन के नाम है, जो उन्‍होंने साल 1939 में बनाया था।
 
आजगढ़ के रहने वाले राष्‍ट्रीय नौसेना रिकॉर्ड होल्डर हरिशंकर यादव साल 2005 में नौसेना से रिटायर हो गए थे। उन्होंने बताया कि वह कई दिनों से वह 5 हजार किलोमीटर साइकिल चलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए खुद को तैयार कर रहे थे। कहा कि सीएम से शुभकामनाएं मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि वह रोजाना करीब 300 किलोमीटर साइकिल चलाकर करीब 15 दिनों के अंदर अपना लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

सोमवार को हरिशंकर ने अपने अभियान की शुरुआत राजधानी की। इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें शुभकामना संदेश देते हुए हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे लोगों को जरूर प्रोत्साहित करना चाहिए और इनकी बात सभी तक पहुंचाई जानी चाहिए। आजमगढ़ जिले के कोठिया के मूल निवासी हरिशंकर यादव के इस प्रयास की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विशाल आबादी का देश होने के बावजूद ओलम्पिक जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ी पर्याप्त संख्या में मेडल पाने में सफल नहीं होते हैं। इसके लिए जहां संसाधनों की कमी जिम्मेदार है। साथ ही जानकारी का अभाव एवं प्रेरणा की कमी से भी सफलता नहीं मिल पा रही।

खेल-खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करती है यूपी सरकार
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेल-खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रयास कर रही है। खिलाडि़यों का सम्मान करने में समाजवादी सरकारें हमेशा आगे रही हैं। पूर्व में नेताजी ने खिलाडि़यों को भरपूर सम्मान दिया। इसी प्रकार वर्तमान सरकार भी खिलाडि़यों की जमकर हौसला अफ़ज़ाई कर उन्हें सम्मानित कर रही है।

सीएम ने कहा कि ओलम्पिक खेलों में एकल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़, रजत पदक पर चार करोड़ तथा कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही टीम खेलों में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर तीन करोड़ रुपए, रजत पदक पर दो करोड़ तथा कांस्य पदक पर एक करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। वहीं, प्रतिभाग करने वाले खिलाडि़यों को प्रोत्साहन स्वरूप 10 लाख रुपए देने की व्यवस्था की गई है।

एशियन एवं काॅमन वेल्थ गेम्स एकल वर्ग में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त करने पर क्रमशः 50 लाख, 30 लाख व 15 लाख रुपए पुरस्कार तथा प्रतिभाग करने वाले खिलाडि़यों को 05 लाख रुपए की धनराशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदेश सरकार द्वारा दी जाती है। अर्जुन, द्रोणाचार्य एवं खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित खिलाडि़यों अथवा खेल जगत में उपलब्धियों के दृष्टिगत पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित खिलाडि़यों को पेंशन देने की व्यवस्था की गई है।
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