हाथरस केस पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, पीड़िता के पिता ने कहा- हमें तो बस न्याय चाहिए...

- हाईकोर्ट करेगा सीबीआई जांच की मॉनिटरिंग : सुप्रीम कोर्ट
- सीबीआई जांच की स्टेटस रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट को सौंपनी होगी

By: Hariom Dwivedi

Published: 27 Oct 2020, 03:31 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. हाथरस केस से जुड़े अब सभी मामलों की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी। साथ ही मामले में चल रही सीबीआई जांच की मॉनिटरिंग भी हाईकोर्ट करेगा। मंगलवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के साथ ही गवाहों की सुरक्षा से लेकर केस से जुड़े अन्य तमाम पहलुओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट देखेगी। इस मामले में सीबीआई अपनी स्टेटस रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट को देगी। उत्तर प्रदेश से इस केस को दिल्ली स्थानांतरित करने पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने के बाद इस पर विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में दलील दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस मामले की सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता के पिता और भाई ने कहा कि निगरानी या जांच कोई करे, उन्हें बस न्याय चाहिए।

हाथरस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इनमें याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के मौजूदा या पूर्व जज की अध्यक्षता में एसआईटी के गठन, सीबीआई जांच की समय सीमा तय करने, जांच की सुप्रीम कोर्ट की तरफ से निगरानी, पीड़ित परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा देने और मुकदमे को दिल्ली ट्रांसफर करने जैसे कई पहलू वाली मांग शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनमें से ज्यादातर पहलुओं पर आदेश देने में हाईकोर्ट सक्षम है। याचिकाकर्ताओं को अपनी बातें वहीं रखनी चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान यूपी सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया था, जिसमें पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर हो रही थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि वह अपने आदेश में उचित संशोधन कर ले, जिससे पीड़ित परिवार की पहचान उजागर न हो सके।

हाथरस जिले में 14 सितम्बर को एक दलित युवती (19) से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। 29 सितंबर को इलाज के दौरान दिल्ली में उसकी मौत हो गयी थी। मामले में चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में दिए एफिडेविट में भी यह बात कही थी। मामले में योगी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। प्रदेश सरकार की ओर से पीड़ित परिवार और गवाहों को तीन स्तर की सुरक्षा मिली है। गवाहों और पीड़ितों के घर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। नाके पर और घर के बाहर पुलिस का पहरा है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी जीत : चंद्रशेखर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने ट्वीट करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस गैंगरेप मामले में सीबीआई जांच को इलाहाबाद हाईकोर्ट की निगरानी में सौंपा। यह हमारे संघर्ष की पहली जीत है। लड़ाई जारी रखिए, बहन को इंसाफ दिला कर रहेंगे।

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