स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

हमेशा अपने माता पिता के साथ रहता है उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

By: Ritesh Singh

Published: 05 Sep 2020, 04:52 PM IST

लखनऊ ,वैसे तो स्वास्थ्य विभाग की कई ऐसी लापरवाहियाँ सामने आती रही है जिसमें मरीज के साथ कई बार दुर्व्यवहार किया जाता है। उसे समय पर इलाज नहीं मिलता इलाज के लिए वह दर-दर भटकता है। लेकिन स्वास्थ विभाग की इस घोर लापरवाही ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ कर ही रख दिए इतनी बड़ी लापरवाही जो व्यक्ति की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान जिस व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव हो उस व्यक्ति को स्वास्थ्य के कर्मचारियों द्वारा जबरन पकड़कर एंबुलेंस में बैठाकर क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया। हाल ही में ताजा मामला ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम सतरवास से जुड़ा हुआ है।

जहां के रहने बाले निवासी छक्की पुत्र कल्ला बरार ने अपनी कोरोना की जांच बिरधा स्वास्थ्य केंद्र के सेंटर पर कराई थी। जहाँ पर जांच के बाद उसकी कोरोना निगेटिव आई थी । जिसके बाद उसे घर जाने की इजाजत दे दी गई थी। उस व्यक्ति के पास अस्पताल द्वारा जारी किया गया पर्चा मौजूद है जिस पर स्पष्ट रूप से जांच रिपोर्ट नेगेटिव दर्शाई गई है। लेकिन जांच के 4 दिन बाद स्वास्थ्य विभाग की एमवुलेन्स उसके घर पहुची तब जब वह व्यक्ति घर पर नहीं मिला ।तब उसके बारे में जानकारी कर उसे खोजा गया और वहां से उसे जबरन उठाकर तालबेहट स्थित सेंटर पर कोरंटिन कर दिया।

जबकि पर्चे में टेस्ट निगेटिव लिखा है। इस तरह के संजीदा मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रणाली कई सवालों को जन्म देती है। साथ ही जनपद के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़े सवालिया निशान लगाती है। और सबसे बड़ा सवाल क्या कोरोना की जांच रिपोर्ट में इसी तरह की धांधली की जा रही है। क्योंकि ऐसे कई मामले आए हैं जिनके सभी परिजन नेगेटिव आए हैं और एक वह छोटा बच्चा जो हमेशा अपने माता पिता के साथ रहता है उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

Ritesh Singh
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