शिवपाल को खाली करना पड़ेगा बंगला! हाईकोर्ट ने नियुक्त किया न्यायमित्र

प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव समेत तीन को बंगला आवंटन के खिलाफ दायर याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता जेएन माथुर को हाईकोर्ट की ओर से न्यायमित्र नियुक्त किया

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) की लखनऊ खंडपीठ ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) (Pragatisheel Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) समेत तीन अन्य को बंगला आवंटन के खिलाफ दायर याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता जेएन माथुर को न्यायमित्र नियुक्त किया है। बंगला आवंटन पर याचिका शिवपाल के अलावा एमएलसी आशीष पटेल, विधायक पंकज सिंह व विधायक नीरज बोरा के खिलाफ दायर की गई थी। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश वकील मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। याची का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर राजनीतिक वजहों से चारों को बंगले आवंटित किए गए। ये सभी मात्र विधायक व एमएलसी हैं इसलिए नियमानुसार इन्हें बंगले आवंटित नहीं हो सकते।

किसे किसका बंगला आवंटित

प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल को बंगला नंबर 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग आवंटित है। यह पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) को आवंटित था। विधान परिषद सदस्य आशीष पटेल को पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का बंगला नंबर 1ए मॉल एवेन्यू दिया गया है। जबकि बंगला न. ए4 दिलकुशा कॉलोनी व ए6 दिलकुशा कॉलोनी पंकज सिंह व नीरज बोरा को दिया गया है।

आवंटन रद्द करने की मांग

दायर की गई याचिका में उक्त बंगलों का आवंटन रद्द करने की मांग की गई थी। साथ ही नियमों का पूर्णतया पालन कराने जाने की मांग थी। याची ने दलील दी कि ये सभी मात्र विधायक हैं, लिहाजा नियमानुसार इन्हें बंगले आवंटित नहीं किए जा सकते, लिहाजा आवंटन रद्द किया जाए। उधर, सरकारी वकील का कहना था कि चारों विधायकों को आवंटन वर्ष 2016 के सरकारी आवासों को देने से संबंधित अधिनियम और नियमों के मुताबिक किया गया है। इससे पहले अदालत ने वकील से राज्य संपत्ति विभाग के प्रमुख सचिव का जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा था। ऐसा न करने पर भारी हर्जाना लगाए जाने की बात कोर्ट ने कही थी। बीते शुक्रवार को सरकारी वकील ने जवाब दाखिल कर दिया। याचिका में प्रदेश सरकार के जरिए राज्य संपत्ति विभाग के प्रमुख सचिव, राज्य संपत्ति अधिकारी समेत चारों विधायकों को पक्षकार बनाया गया है।

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Karishma Lalwani
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