हैप्पी हिंदी दिवस बोल जब देंगे शुभकामना तो कैसे आगे बढ़ेगी हिंदी

हैप्पी हिंदी दिवस बोल जब देंगे शुभकामना तो कैसे आगे बढ़ेगी हिंदी

Ashish Kumar Pandey | Publish: Sep, 14 2018 08:04:07 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

आम बोलचाल में आसान शब्दों को प्रचलन में लाना होगा।

लखनऊ. जहां आज पूरा देश हिंदी दिवस मना रहा है। हिंदी की बात की जा रही है। वहीं कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्होंने आज हिंदी दिवस पर हैप्पी हिंदी दिवस कह कर हिंदी की शुभकामनाएं दीं। वहीं शुभकामनातो हिंदी दिवस की दे रहे थे लोग लेकिन मैसेज इंग्लिश में भेजते रहे थे। आज हम हिंदी को बढ़ावा देने की बात करते हैं, लेकिन यह देखा जाता है कि साल में केवल एक बार ही हिंदी की बात की जाती है वह भी हिंदी दिवस पर। हिंदी को आम बोलचाल में लाना चाहते है लेकिन यह इतना आसान नहीं है। हिंदी में कई शब्द इतने क्लीष्ट हैं कि उन्हें बोलना आमजन के लिए आसान नहीं है। ऐसी में हिंदी को सरल बनाने की जरूरत है और आम बोलचाल में आसान शब्दों को प्रचलन में लाना होगा।

तो उसके लिए हमें अमल करना होगा
हिंदी के जानकार अरुण सिंह कहते हैं कि हम हिंदी के बारे में केवल साल में एक बार हिंदी दिवस पर बातें करते हैं। अगर वास्तव में हिंदी को हमे महत्व देना है तो उसके लिए हमें अमल करना होगा। हम हिंदी की बात करते, मैं आपको एक उदाहरण के तौर पर बताना चाहता हूं कि अगर आप किसी कपड़े की दुकान पर कपड़े खरीदने जाएं तो वहां मेल चेंजिंग रूम इंग्लिश में लिखा होता है वहीं कई जगह यह इंग्लिश और हिंदी दोनों में लिखा होता है। हिंदी में यह शब्द होता है पुरुष बदलने का कक्ष, वहीं डोमेस्टिक ट्रांसफर इसे हिंदीं में घरेलू स्थानांतरण कहा जाता है। लिफ्ट इसको हिंदी में उत्थापक और वहीं गैलरी आफ पार्टियामेंट अफेयर्स को हिंदी में ससंदीय कार्य शब्दावली बोलते हैं। ऐसे में देखा जाए तो हिंदी आमबोल चाल की भाषा में उतनी सरल नहीं है जितनी की हम बातें इस पर करते हैं। अगर वास्तव में हिंदी के प्रति प्रेम है तो हमें बहुत कुछ इसमें करने जरूरत है।

सामने आने आप को कम आंकते हैं
अध्यापक हिंदी के लेक्चरर मुकुल मनोहर पांडेय कहते हैं कि हिंदी आज केवल कहने की बात हो चुकी है। कौन हिंदी बोल रहा है। जब हम अपने बच्चों को हिंदी मीडियम स्कूलों में नहीं पढ़ाते हैं, उसे बचपन से ही इंग्लिश बोलने के लिए प्रेरित करते हैं। अक्सर देखा जाता है कि हिंदी में बोलने वाले इंग्लिश बोलने वालों के सामने आने आप को कम आंकते हैं। अगर हिंदी को बढ़ाना है। अपने राष्ट्र भाषा को महत्व देना है तो हमें हिंदी को बढ़ाना देना होगा। हिंदी के नए-नए और सरल शब्दों को इजात करना होगा। स्कूलों में हिंदी को महत्व देना होगा तब जाकर हिंदी हमारे लिए वास्तव में महत्पवूर्ण होगी। आज रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित तमाम सार्वजनिक स्थलों पर केवल अंग्रेजी के ही अक्सर प्रयोग किए जाते हैं वहां सानइ बोर्ड पर अंग्रेजी में लिखे होते हैं। ऐसे में हिंदी को बढ़ावा देने की बात केवल बात ही रह जाएगी।

 

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