भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का महत्वपूर्ण योगदान : पोस्टमास्टर जनरल

पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय, वाराणसी में हुआ हिंदी पखवाड़े का समापन

By: Ritesh Singh

Published: 28 Sep 2020, 08:29 PM IST

लखनऊ , सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है। भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का बहुत बड़ा योगदान है। जरूरत इस बात की है कि हम इसके प्रचार-प्रसार और विकास के क्रम में आयोजनों से परे अपनी दैनिक दिनचर्या से भी जोड़े। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल एवं चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग, वाराणसी द्वारा "हिंदी पखवाड़ा" के समापन समारोह में 28 सितंबर को व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिन्दी अपनी सरलता, सुबोधता, वैज्ञानिकता के कारण ही आज विश्व में दूसरी सबसे बड़ी बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी सिर्फ साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना - प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी है। हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है और लोगों तक पहुँच स्थापित करने के लिए टेक्नॅालाजी स्तर पर इसका व्यापक प्रयोग करने की जरूरत है। श्री यादव ने कहा कि, आज परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में हिन्दी के महत्व को नये सिरे से रेखांकित किया जा रहा है। जैसे-जैसे विश्व में भारत के प्रति दिलचस्पी बढ़ रही है, वैसे-वैसे हिन्दी के प्रति भी रुझान बढ़ रहा है।

सहायक निदेशक (राजभाषा) प्रवीण प्रसून ने कहा कि संविधान में वर्णित सभी प्रांतीय भाषाओं का पूर्ण आदर करते हुए इस विशाल बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में भी हिन्दी की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में हिन्दी भाषा के प्रयोग पर हमें गर्व महसूस करना चाहिए। वाराणसी मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक सुमीत कुमार गट्ट ने कहा कि हिंदी पूरे देश को जोड़ने वाली भाषा है और सरकारी कामकाज में भी इसे बहुतायत में अपनाया जाना चाहिये।

वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर राम मिलन ने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है कि हमारे नवागत पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव जी ने चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर रूप में अपनी रचनात्मक प्रतिबद्धता व अग्रणी सोच से हिंदी साहित्य जगत में एक नया मुकाम बनाया है। आपके नेतृत्व में वाराणसी परिक्षेत्र नई ऊँचाइयों को छुयेगा।

Ritesh Singh
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