हनीट्रैप गैंग का खुलासा, सोशल मीडिया पर अमीरों को फंसाते, महिलाओं के साथ अश्लील वीडियो बनाकर करते थे धन उगाही

लखनऊ में पुलिस ने एक हनी ट्रैप गैंग का खुलासा (Honey Trap Gang Exposed) किया है। गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। ये लोग फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट (Fake Social Media Account) से अमीरों को प्रेमजाल में फंसाते फिर लड़कियां अकेले में मिलने बुलातीं और पुलिस की वर्दी में आकर गैंग के दूसरे साथी उनकी अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल (Blackmail with Dirty Video) करते।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. सोशल साइट्स पर महलिओं के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से दोस्ती करना और उसके बाद उन्हें प्रेमजाल में फंसाकर लूटना। लखनऊ पुलिस ने जिन दो महिलाऔ समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है वो लोगों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग के जरिये लूटते और उनसे ठगी करते हैं। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद इन लोगों के हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है। सभी उसी गैंग के सदस्य हैं। बड़ी बात ये कि अपने इस जुर्म में ये लोग पुलिस की वर्दी का भी इस्तेमाल करते थे। डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा और एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के नेतृत्व में हजरतगंज पुलिस ने इस गैंग का पर्दाफाश किया है।


पकड़े गए हनीट्रैप गैंग के सदस्यों में पंकज गुप्ता, अतुल सक्सेना और अजीजुल हसन सिद्दीकी के साथ ही दो महिलाएं भी शामिल हैं। महिलाएं शिकार फंसाकर लाती थीं और गैंग के पुरुष सदस्य उन्हें लूटते थे। लखनऊ पुलिस ने हनीट्रैप गैंग के बारे में जो बात बताई हैं उसके मुताबिक गैंग के लोग पहले सोशल साइट्स पर महिलाऔ के नाम से अलग-अलग फेक अकाउंट बनाते। इसके बाद आस-पास के लोगों को चिन्हित करके उनसे दोस्ती कर किसी तरह उनका फोन नंबर हासिल किया जाता। गैंग के सदस्यों के निशाने पर कारोबारी, डाॅक्टर या कोई मोटी पार्टी होती थी।


एक बार नंबर मिल जाने के बाद महिलाऔ का काम शुरू हो जाता। मीठी-मीठी बातें कर महिला सदस्य उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर किसी खास जगह पर मिलने के लिये बुलातीं। दोनेां महिलाएं शिकार के साथ अश्लील बातें कर उसे अपनी बातों में फंसाकर उसके कपड़े उतरवातीं और ठीक इसी समय गैंग के पुरुष सदस्य पुलिस की वर्दी में वहां पहुंच जाते। उसी हालत में शिकार का अश्लील वीडियो बना लेते जिसके बाद चलता इनके ब्लैकमेलिंग का सिलसिला। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे लाखों रुपये की वसूली की जाती।

रफतउद्दीन फरीद
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