यूपी में नक्शा पास कराना हुआ महंगा, जानिये आपके शहर में कितना बढ़ा शुल्क

  • उत्तर प्रदेश में अब घर बनवाना महंगा होगा
  • विकास प्राधिकरणों में घर का नक्शा पास कराना (House Map Passing) महंगा
  • योगी कैबिनेट (UP Cabinet) ने दी मंजूरी, 1 अप्रैल से होगा लागू

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनउ. उत्तर प्रदेश में घर बनवाना अब और महंगा होगा। यूपी की योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश सभी विकास प्राधिकरणों में मकान का नक्शा पास (House Map Passing) कराने पर लगने वाली फीस बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा और कानपुर में हुई है। यूपी की योगी सरकार ने बैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (विकास शुल्क का निर्धारण, उद्ग्रहण एवं संग्रहण) (प्रथम संशोधन) नियमावली 2021 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जहां विकास प्राधिकरणों में नक्शा पास कराना महंगा किया गया है वहीं प्रधिकरणों से सटे सूबे के 12 शहरों में इसमें राहत दी गई है। सोमवार को कैबिनेट की बैठक में ये निर्णय लिये गए। एक तरफ जहां विकास प्राधिकरणों में शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है तो यूपी के 12 शहरों में इसे कम भी किया गया है। एक अप्रैली से लागू होगी नई व्यवस्था।


5 बिन्दुओं में समझिये नई नियमावली

  • लखनऊ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद के मकानों पर नया संशोधन नहीं लागू होगा
  • विकास प्राधिकरण हर वर्ष 15 फरवरी को बीते साल के आयकर विभाग के कास्ट इंफलेशन इंडेक्स के आधार पर विकास शुल्क को संशोधित कर लागू करेंगे
  • पांच के बजाय अब एक हेक्टेयर से बड़े भूखंडों पर विकास शुल्क का भुगतान किस्तों में लिये जाने की व्यवस्था। दो साल में 12 प्रतिशत ब्याज के साथ इसकी अदायगी की जा सकेगी।
  • मल्टीपरपज, ओपन एरिया और क्षेत्रीय पार्क आदि से प्रस्तावित निर्माण के लिये अब विकास शुल्क एफआर (निर्माण योग्य क्षेत्रफल) के आधार पर किया गया है। अगर नक्शा पहले से पास है तो उसके लिये भी अलग व्यवस्था की गई है।
  • दैवीय आपदा, आग, विस्फोट, बाढ़, युद्ध, हड़ताल, आतंकवादी घटना, महामारी, वैश्विक महामारी, नागरिक अशांति, प्राकृतिक आपदा आदि की दशा में राज्य सरकार विकास शुल्क माफ भी कर सकती है या फिर किस्तों में देने की छूट दे सकती है। ब्याज दरें भी माफ हो सकती हैं। अधिनियम के अधीन या कैबिनेट की मंजूरी के बाद विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा।


कहां कितना बढ़ा शुल्क (प्रति वर्ग मीटर)

विकास प्राधिकरण वर्तमान बढ़ा कितना बढ़ा

गाजियाबाद 2500 3208 708

लखनऊ 1400 2040 640

कानपुर 1400 2040 640

आगरा 1400 2040 640

वाराणसी 1000 1200 200

प्रयागराज 1000 1200 200

मेरठ 1000 1200 200

मुरादाबाद 700 1200 500

बरेली 700 1200 500

अलीगढ़ 700 850 150

गोरखपुर 700 850 150

बुलंदशहर 700 850 150

खुर्जा 700 850 150

सहारनपुर 700 850 150

मथुरा-वृंदावन 700 850 150

झांसी 700 850 150

हापुड़-पिलखुआ 700 850 150

उन्नाव-शुक्लागंज 400 850 450

अयोध्या 400 500 100

रायबरेली 400 500 100

बांदा 400 500 100

रामपुर 400 500 100

उरई 400 500 100

आजमगढ़ 400 500 100

रफतउद्दीन फरीद
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