सीएम योगी ने शिक्षक और शिक्षामित्र के लिये किया बड़ा बदलाव, अब ऐसे करें छुट्टी के लिये आवेदन, ऑनलाइन लेनी होगी लीव

सरकारी स्कूलों में अधिक पारदर्शिता लाने के लिहाज से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ऑनलाइन छुट्टी के आवेदन की व्यवस्था शुरू कर रही है।

लखनऊ. सरकारी स्कूलों में अधिक पारदर्शिता लाने के लिहाज से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ऑनलाइन छुट्टी के आवेदन की व्यवस्था शुरू कर रही है। राज्य सरकार एक ऐप लेकर आ रही है जो शिक्षकों, सहायकों और अन्य कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के अलावा और भी कई मामलों में पारदर्शिता लाने में मदद करेगी। 30 सितंबर तक यह व्यवस्था ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में रहेगी। 1 अक्टूबर से इसे पूरी तरह ऑनलाइन ही स्वीकारा जाएगा।

2 दिन में मेडिकल लीव मंजूर करना होगा

मेडिकल में आवेदन के साथ या बाद में मेडिकल सर्टिफिकेट ऑनलाइन ही अपलोड करने का विकल्प होगा। 2 दिन के भीतर इसे बीईओ को अग्रसारित करना होगा। अगर आपत्ती लगी है तो 2 दिन में शिक्षक को उसे दूर करना होगा अन्यथा आवेदन रद्द हो जाएगा। अगर कोई आपत्ति नहीं तो वह भी बीएसए को अग्रसारित हो जाएगा। 2 दिन के भीतर भी बीएसए उस पर निर्णय ले लेंगे। 42 दिन से कम की ली है तो बीईओ मंजूरी देंगे। शिक्षक आवेदन की तारीख से ही अवकाश पर रह सकेंगे। मातृत्व वाह बाल्य देखभाल अवकाश की स्थिति में भी यही प्रक्रिया होगी। बस आवेदन के साथ ही दस्तावेज अपलोड करने होंगे। 31 अक्टूबर तक बीएसए को सेवा पुस्तिकाओं का ऑनलाइन अपडेशन पूरा करने को कहा गया है। 31 दिसंबर तक सर्विस रजिस्टर भी ऑनलाइन कर दिए जाएंगे। इसके बाद जीपीएफ लोन जैसी सेवाएं भी ऑनलाइन हो जाएंगे।

एक दिन में मंजूर होगा आकस्मिक अवकाश

ऑनलाइन व्यवस्था में छुट्टियों की मंजूरी की भी समय सीमा तय की गई है। आकस्मिक अवकाश (सीएल) की स्थिति में सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, अनुचर प्रेरणा ऐप के जरिए आवेदन करेंगे। 4 दिन से अधिक की सीएल है तो बीईओ उसको मंजूरी देंगे। अगर एकल विद्यालय है तो ऑनलाइन आवेदन के दिन ही बीईओ को एकल विद्यालय में किसी शिक्षक की व्यवस्था करनी होगी। जैसे ही यह जानकारी वह अपलोड करेंगे, उन्हें अवकाश स्वीकृत करना होगा। अगर वह स्वीकृत नहीं करते हैं तो भी एक दिन बाद इसे स्वीकृत मान लिया जाएगा।

कायाकल्प से लेकर समीक्षा तक ऑनलाइन

स्कूलों में आधारभूत संसाधनों की उपलब्धता व आवश्यकता इसकी भी जानकारी प्रेरणा ऐप के जरिए ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। इसमें पानी, फर्श, ब्लैकबोर्ड, टॉइलेट, हैंड वाश, रैंप, रेलिंग, बाउंड्री, डिवलेपमेंट प्लान, बिजली, साबुन, सफाई, खेल-कूद का मैदान, फर्नीचर आदि की जानकारी शामिल है। जिला व ब्लॉक स्तरीय टास्कफोर्स भी हर महीने स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट भी प्रेरणा ऐप के जरिए ही ऑनलाइन देगी। महीने में कम से कम 5 स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य होगा।

फोटो से तय होगी एमडीएम की संख्या

1 अक्टूबर से मिड डे मील के लिए बच्चों की संख्या उतनी ही मानी जाएगी, जितने की फोटो प्रेरणा ऐप पर अपलोड की जाएगी। शिक्षक को फोटो के साथ ही बच्चों की संख्या भी अपलोड करनी होगी। इसके आधार पर एमडीएम का पैसा जारी किया जाएगा। उन्हें स्कूल खुलने के समय, लंच टाइम और छुट्टी के समय बच्चों के साथ ग्रुप फोटो अपलोड करना होगा। इसके लिए पहली बार जियो-टैगिंग करनी होगी। ऐप ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों ही मोड में टाइम लॉक के साथ उपलब्ध होगा। ऑफलाइन मोड में भी ली गई फोटो रियल टाइम के साथ सेंट्रल सर्वर में अपलोड हो जाएगी। महिला शिक्षकों की पुरुष शिक्षकों के साथ सेल्फी की बाध्यता नहीं होगी।

 

आकांक्षा सिंह
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